Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    पटना में VIP मूवमेंट लोगों पर भारी, यातायात ठप; स्थानीय बोले 'क्या आमजन के समय की कोई कीमत नहीं?'

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:00 AM (IST)

    पटना में वीआईपी मूवमेंट के कारण राजीव नगर, अटल पथ और आसपास के इलाकों में शुक्रवार शाम भारी यातायात जाम लग गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें थीं, जि ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    राजीव नगर–अटल पथ पर लगा रहा जाम। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, पटना। वीआईपी प्रोटोकॉल एक बार फिर राजधानी के आम लोगों पर भारी पड़ा। शुक्रवार शाम राजीव नगर नाला रोड, राजीव नगर, अटल पथ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया गया।

    नतीजतन सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग जाम में फंसे रहे। दफ्तर से घर लौट रहे कर्मचारी, स्कूल से बच्चों को लेने निकले अभिभावक, बुजुर्ग और महिलाएं सभी इस अव्यवस्था के शिकार बने। राजीव नगर से अटल पथ की ओर जाने वाली सर्विस लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया था।

    पुलिसकर्मियों द्वारा किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इसके कारण राजीव नगर, दीघा और आसपास के मोहल्लों से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी काम, परीक्षा, अस्पताल और दवाइयों के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। जाम में फंसे लोग मोबाइल पर घरवालों और कार्यालय में देर होने की सूचना देते नजर आए।

    अटल पथ फ्लाइओवर के नीचे राजीव नगर इलाके में स्थिति और भी खराब हो गई। यहां करीब आधे घंटे तक वाहनों को रोककर रखा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन ठप हो गया। दोपहिया और चारपहिया वाहन तो फंसे ही रहे, स्कूली बसें और आटो भी आगे नहीं बढ़ सके। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में काफी देर तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। कई महिलाएं बच्चों को गोद में लिए परेशान दिखीं।

    एंबुलेंस को भी नहीं मिली राह

    सबसे संवेदनशील और चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली, जब जाम में फंसी एंबुलेंस का सायरन लगातार गूंजता रहा, लेकिन सुरक्षा घेरे की सख्ती के कारण उसे निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। एंबुलेंस चालक और मरीज के स्वजन ने पुलिसकर्मियों से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन वीआईपी मूवमेंट का हवाला देकर उन्हें इंतजार करने को कहा गया। यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला था, जहां एक ओर मरीज की जिंदगी का सवाल था, वहीं दूसरी ओर प्रोटोकाल की औपचारिकताएं भारी पड़ती दिखीं।

    स्थानीय लोगों व राहगीरों में आक्रोश

    घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि राजीव नगर पहले से ही संकरी सड़कों, बढ़ते वाहनों और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में वीआईपी मूवमेंट के लिए पूरे इलाके को सील कर देना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। वाहन चालक राकेश कुमार ने कहा कि वीआईपी की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन क्या आम आदमी की जान, समय और परेशानी की कोई कीमत नहीं है?

    लोगों ने प्रशासन से मांग की कि वीआईपी प्रोटोकॉल के दौरान वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और आपात सेवाओं को बिना किसी देरी के रास्ता देने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि सुरक्षा और संवेदनशीलता के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ आमजन का जीवन भी प्रभावित न हो।

    यह भी पढ़ें- पटना में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ऑटो किराया विवाद खत्म, यूनियन ने वापस लिया बढ़ा हुआ किराया

    यह भी पढ़ें- कोहरे ने बिगाड़ी ट्रेनों की टाइमिंग, पटना में तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति समेत 28 ट्रेनें रहीं लेट