Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    मौर्य लोक के बकायेदारों का कटेगा कनेक्शन, पटना नगर निगम ने दुकानदारों को दी अंतिम चेतावनी 

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:09 PM (IST)

    पटना नगर निगम ने मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स के बकायेदारों पर सख्ती शुरू कर दी है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने ग्राउंड रेंट और मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान न करने ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    पटना मौर्य लोक। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के हृदयस्थल मौर्य लोक काम्प्लेक्स में वर्षों से लंबित बकाया वसूली को लेकर नगर निगम ने अब सख्ती शुरू कर दी है।

    नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने लंबे समय से ग्राउंड रेंट व मेंटेनेंस शुल्क नहीं देने वालों को नोटिस के साथ सख्त चेतावनी दी है कि वे सात दिन में बकाया भुगतान कर दें।

    ऐसा नहीं करने पर बिना बताए उनके प्रतिष्ठान की बिजली व पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। साथ ही अनुबंध के अनुसार उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। हाल में मौर्य लोक काम्प्लेक्स स्थित 278 दुकानों-कार्यालयों पर बकाया मेंटिनेंस शुल्क व ग्राउंड रेंट की समीक्षा की गई थी।

    इसमें पाया गया कि लंबे समय से अधिसंख्य लोग इसका भुगतान नहीं कर रहे हैं। इस कारण दुकानदारों व कार्यालय स्वामियों को 3 करोड़ 66 लाख 15 हजार चार रुपये बकाया हो गया है।

    दोनों माध्यमों से जमा कर सकते हैं टैक्स

    इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने सभी बकायेदारों को अंतिम चेतावनी के रूप में नोटिस जारी की है। नगर आयुक्त ने कहा कि दुकानदार व कार्यालय संचालक ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों तरह से बकाया भुगतान कर सकते हैं।

    मौर्य लोक काम्प्लेक्स में अवस्थित सभी दुकानदार व कार्यालय संचालक नगर निगम की की वेबसाइट पीएमसी डाट बिहार डाट जीओवी डाट इन के पीआरडीएशाप्स डाट एएसपीएक्स से आनलाइन या निगम कार्यालय में बकाया राशि जमा करा सकते हैं।

    उन्होंने सभी दुकानदारों व कार्यालय स्वामियों से अपील की है कि वे समयसीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान कर कार्रवाई से बचें।

    1998 से मासिक मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं 

    मौर्य लोक काम्प्लेक्स के अधिसंख्य दुकानदारों व कार्यालय संचालकों ने अप्रैल 1998 से मासिक मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं किया है। इसके अलावा वर्ष 1999-2000 से वार्षिक ग्राउंड रेंट भी बकाया है।

    यह स्थिति लगभग 27 वर्षों से बनी हुई है। निगम प्रशासन के अनुसार समय-समय पर कई बार स्मारपत्र व नोटिस जारी किए गए, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। निगम की आय का बड़ा हिस्सा ऐसे व्यावसायिक परिसरों से आता है।

    यह भी पढ़ें- पटना के गर्दनीबाग में PNG की सप्लाई शुरू, फतुहा के उद्योगों को भी मिलेगी नेचुरल गैस

    यह भी पढ़ें- DDU जंक्शन सहित इन 5 बड़े स्टेशनों की बदलेगी सूरत, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया