पटना के गर्दनीबाग में PNG की सप्लाई शुरू, फतुहा के उद्योगों को भी मिलेगी नेचुरल गैस
पटना के गर्दनीबाग और बाइपास सिपारा में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति शुरू हो गई है। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक घरों को गैस मिल रही है, और जल ...और पढ़ें

गर्दनीबाग में पीएनजी की सप्लाई शुरू। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग इलाके में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति आरंभ हो गई है। यह आपूर्ति गर्दनीबाग एवं बाइपास सिपारा में बने डीआरएस (डिस्ट्रीक्ट रेगुलेटिंग सिस्टम) के माध्यम से की गई है।
वर्तमान में इस इलाके के दो दर्जन से अधिक घरों को चार्ज किया गया है। इलाके में पीएनजी कनेक्शन के लिए करीब एक हजार लोगों ने आवेदन दिया है, जिनमें से दो सौ लोगों को कनेक्शन दिया जा चुका है। सबसे पहले आफिसर एनक्लेव में सुविधा दी गई है।
गेल इंडिया के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि गर्दनीबाग इलाके में पीएनजी आपूर्ति आरंभ हो गई है। 10 उपभोक्ता इसका उपयोग करने लगे हैं। जल्द ही पूरे इलाके में कनेक्शन दिया जाएगा।
5 डीआरएस से हो रही आपूर्ति
पटना में गेल की ओर से एम्स से गांधी मैदान तक पाइपलाइन से आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए पांच डीआरएस लगाए गए हैं। इसमें एम्स, बीआइटी, आइजीआइएमएस, गर्दनीबाग, बाइपास सिपारा एवं फतुहा में डीआरएस लगाया गया है।
गेल के अधिकारियों के अनुसार, एक डीआरएस के माध्यम से 30-35 हजार घरों में गैस आपूर्ति की जा सकती है। वर्तमान में 28 हजार घरों में गैस जल रही है, जबकि 50 हजार से अधिक लोगों के पास कनेक्शन हैं।
फतुहा में औद्योगिक आपूर्ति जल्द
फतुहा में स्थापित पीएनजी गैस डिस्पैच सेंटर से अब औद्योगिक इकाइयों को जल्द ही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति शुरू होने जा रही है। तकनीकी जांच और पाइपलाइन टेस्टिंग पूरी हो चुकी है।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एक लाइसेंसिंग प्राधिकार से लाइसेंस मिलते ही अगले महीने से औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
वर्तमान में फतुहा और आसपास की कई फैक्ट्रियां एलपीजी सिलेंडर और डीजल पर निर्भर हैं, इससे उत्पादन लागत बढ़ती है। पीएनजी उपलब्ध होने से न केवल लागत कम होगी, बल्कि उद्योगों को सुरक्षित, स्वच्छ और लगातार मिलने वाला ऊर्जा स्रोत भी मिलेगा।
नौबतपुर से बिहटा पाइपलाइन से आएगी पीएनजी
गेल महाप्रबंधक ने बताया कि नौबतपुर से छह इंच की पाइपलाइन बिहटा की ओर ले जा रहे हैं। इससे गैस आपूर्ति की जा सकती है। इसके लिए आइआइटी में डीआरएस लगाए जाएंगे। आइआइटी प्रबंधन से बातचीत की जा रही है। इसके बाद उसी जगह से विभिन्न औद्योगिक यूनिटों में आपूर्ति की जा सकेगी।
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