Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    बिहार में नए साल के पहले दिन भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, 8 भ्रष्ट अधिकारियों की 4.14 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 10:44 PM (IST)

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 भ्रष्टाचारियों की 4.14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भेज ...और पढ़ें

    Hero Image

    8 भष्ट्राचारियों की संपत्ति होगी जब्त। (सांकेतिक फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 8 भ्रष्टाचारियों की कुल 4.14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को राज्यसात करने का प्रस्ताव संबंधित प्राधिकार को भेज दिया है।

    निगरानी ब्यूरो के अनुसार, जिन आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की संस्तुति की गई है, उनके विरुद्ध वर्ष 2012 से 2019 के बीच आय से अधिक संपत्ति और अन्य भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए थे।

    प्रस्ताव के तहत लखीसराय के तत्कालीन फारेस्ट रेंज अफसर दिलीप कुमार की 88 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियां राज्यसात की जाएंगी। गोपालगंज के हथुआ अनुमंडल में तैनात रहे तत्कालीन एसडीओ विजय प्रताप सिंह की 62 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियां शामिल हैं। 

    इसी तरह साल 2015 में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में मोतिहारी नगर परिषद के तत्कालीन टैक्स दारोगा अजय कुमार गुप्ता और समस्तीपुर जिले के जितवारिया ग्राम पंचायत के मुखिया रहे प्रमोद कुमार राय  और पटना ग्रामीण की तत्कालीन सीडीपीओ फूलपरी देवी की संपत्ति शामिल हैं। इन तीनों की 61 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों को राज्यसात किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसी तरह 2016 में दर्ज मामलों में ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश मांझी और पश्चिम चंपारण के लौरिया प्रखंड अंतर्गत राजमरहिया पकड़ी ग्राम पंचायत के तत्कालीन मुखिया मैनेजर यादव की करीब 1.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का प्रस्ताव है।

    निगरानी ने जुलाई 2019 में दरभंगा के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार राय के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। उनकी 41.12 लाख रुपये की संपत्तियों को भी राज्यसात करने की संस्तुति की गई है।

    उल्लेखनीय है कि निगरानी ब्यूरो अब तक कुल 119 मामलों में 96.76 करोड़ रुपये की संपत्तियों को राज्यसात करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें से 57 करोड़ रुपये के 66 मामले प्राधिकृत पदाधिकारी के न्यायालय में, जबकि 20.80 करोड़ रुपये से जुड़े 32 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं।

    यह भी पढ़ें- बिहार में घोटाला, मेगा औद्योगिक पार्क की जमीन अधिग्रहण में 11 किसानों के साथ फर्जीवाड़ा; 10 के खिलाफ मामला दर्ज