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    बिहार में घोटाला, मेगा औद्योगिक पार्क की जमीन अधिग्रहण में 11 किसानों के साथ फर्जीवाड़ा; 10 के खिलाफ मामला दर्ज

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:07 PM (IST)

    बिहार में मेगा औद्योगिक पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे में 55 लाख रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 2011-12 की 11 शि ...और पढ़ें

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    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दर्जी किया मामला। (जागरण)

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में मेगा औद्योगिक पार्क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजा भुगतान में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।

    वर्ष 2011-12 में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से मिली 11 शिकायत के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले की जांच शुरू की थी। लंबी चली जांच के बाद किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में करीब 55 लाख रुपये के गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। जिसके बाद निगरानी ने 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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    11 किसानों की शिकायतें जांच को सौंपी गई

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से ब्यूरो को 11 किसानों की शिकायतें जांच के लिए सौंपी गई थी।

    आरोप था कि पटना जिला के बिहटा अंचल, मौजा सिकंदरपुर में मेगा औद्योगिक पार्क बनाने के लिए सरकार ने किसानों की जिस जमीन अधिग्रहण का अधिग्रहण किया है उसमें किसानों के मुआवजा भुगतान में व्यापक गड़बड़ियां की गई हैं।

    एक मामले में ही पकड़ा गया 55 लाख का फर्जीवाड़ा

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की। 11 शिकायतों में से एक की जांच के क्रम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने किसानों के मुआवजा भुगतान में करीब 55 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा पकड़ा। जांच में सामने आया कि मुआवजा भुगतान में दस्तावेजों में हेराफेरी, गलत खातों में राशि हस्तांतरित करने और नियमों की अनदेखी की गई।

    जांच जब आगे बढ़ी तो 10 तत्कालीन अधिकारियों की संलिप्तता की बात सामने आई। इनमें पटना जिले के तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी, अमीन, बिहटा के तत्कालीन अंचलाधिकारी शामिल पाए गए।

    नए वर्ष के पहले दिन निगरानी ने आरोपितों पर की प्राथमिकी

    निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी जांच के आधार पर वर्ष 2026 के पहले दिन इस मामले में पटना के तत्कालीन भू-अर्जन अधिकारी, तत्कालीन अपर जिला भू-अर्जन अधिकारी, तत्कालीन कानूनगो, सहायक, प्रधान सहायक, अमीन और बिहटा अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं एक गैर लोक सेवक के खिलाफ निगरानी कांड संख्या संख्या 01/2016 दर्ज किया है।

    निगरानी ने आधिकारिक बयान में कहा है कि जांच के क्रम में अन्य शिकायत कर्ताओं के मामलों की जांच भी होगी।