मुजफ्फरपुर, ऑनलाइन डेस्क। कोविड-19 के साये में तय समय से इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा का आयोजन कर बिहार बोर्ड यानी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने उल्लेखनीय काम किया। अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी चल रही है। इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया गया है। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 की कॉपियों की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। जिसमें परीक्षार्थियों के अटपटे जवाब देखे जा सकते हैं। दैनिक जागरण इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर रहा है। यूजर भी इन जवाबों का खूब आनंद ले रहे हैं। कुछ तो परीक्षार्थी की हिम्मत की दात देने से नहीं चूक रहे।कुछ परीक्षार्थी तो अनुनय-विनय का सहारा ले रहे हैं तो कुछ बिना लाग लपेट के, सीधी अपनी बात कहते हुए दिख रहे हैं। वायरल कॉपी की तस्वीरों में से एक में परीक्षार्थी ने परीक्षक को सीधे कहा, पास कर दीजिएगा.. मिठाई के लिए पैसा चाहिए.. तो फोन भी कीजिएगा। उसने नीचे में अपना फोन नंबर भी लिखा। परीक्षार्थी की इस ठसक पर लोग उसे वाह -भाई-वाह कहने से नहीं चूक रहे।

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मीराबाई को झांसी की रानी बना दिया

वैसे इस संदेश के ठीक ऊपर मीराबाई का संक्षिप्त परिचय दें, इस सवाल का जो जवाब इस बच्चे ने दिया है, उसको पढ़कर तो उसके ज्ञान और बिहार की शिक्षा व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। जिस चतुराई से इसने मीराबाई को झांसी की रानी बना दिया, उसके बाद तो भगवान से प्रार्थना करना ही बेहतर होगा।

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चांदनी चांद से होती है, सितारों से नहीं

आइये, एक और उदाहरण ले लेते हैं। यह परीक्षार्थी शायराना मिजाज का लगता है। हालांकि पढ़ने-लिखने से इसका संबंध भी कुछ वैसा ही मालूम पड़ रहा है, जैसा इससे पहले वाले का रहा होगा। इसने बिना जवाब लिखे ही सीधे पास करने की बात परीक्षक के लिए लिखने की जगह, पहले तो ' सवाल को जा रे जा रे सवाल हंसते हंसते, सर काे नमस्ते नमस्ते', से विनम्रतापूर्वक अपनी बात शुरू की। इसके ठीक बाद बस ड्राइवर के सिर के ऊपर या ट्रक के पीछे लिखी सस्ती शायरी 'चांदनी चांद से होती है, सितारों से नहीं। मोहब्बत एक से होती है हजारों से नहीं।' चिपका दी। जैसा मैंने पहले अर्ज किया, यह विनम्र किस्म का परीक्षार्थी लग रहा है। शायरी लिखने के बाद इसने फिर परीक्षक को सिर झुकाकर प्रणाम लिखा। इस निवेदन के पीछे छुपे आग्रह को तो आप भी समझ ही गए होंगे। हां, इस जवाब को पढ़ने के बाद यदि आपको कुछ वर्ष पहले इंटरमीडिएट परीक्षा की टाॅपर रहीं प्रोडिकल साइंस की छात्रा याद आ गई हों तो आपकी स्मृति को भी नमन। सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ है। किसी ने मई में होनेवाली अपनी शादी का हवाला दिया है तो किसी ने बजरंगबली के भक्त होने की बात कहर पास करने की मिन्नत भी की है। 

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Edited By: Ajit Kumar