विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में आजादी के नारे पर गरमाई राजनीति

By Sachin MishraEdited By:
Published: Mon, 03 Apr 2017 11:39 AM (IST)Updated: Mon, 03 Apr 2017 04:44 PM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेमिनार के दौरान जादवपुर यूनिवर्सिटी में कश्मीर की आजादी के नारे लगे। इस मामले पर अब राजनीति गरमाने लगी है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में आजादी के नारे पर गरमाई राजनीति
जादवपुर यूनिवर्सिटी में आजादी के नारे पर गरमाई राजनीति

जागरण संवाददाता, कोलकाता। जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में की कश्मीर आजादी के नारे पर राजनीति गरमाने लगी है। भाजपा ने इस मसले को वामपंथी छात्रों की सस्ती राजनीति करार दिया है।

रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सेमिनार के दौरान कश्मीर की आजादी के नारे लगे। जेयू के कुछ छात्रों ने कश्मीर, मणिपुर और नगालैंड की आजादी की मांग की। इस तरह की नारेबाजी अब तक दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में सुनने को मिली थी। इस बीच, पार्थो चटर्जी, ने कहा है कि इस प्रकार के राष्ट्र-विरोधी नारे का समर्थन नहीं किया जा सकता है। 

जेयू में हुई इस नारेबाजी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र कह रहे हैं कि हमें चाहिए आजादी, कश्मीर मांगे आजादी, मणिपुर मांगे आजादी, नगालैंड मांगे आजादी। जेयू में रविवार को आरएसएस की ओर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू, बौद्ध और अन्य मजहब के लोगों पर होने वाले अत्याचार को लेकर सेमिनार आयोजित किया गया था। कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी।

शुभोमय शोम नामक छात्र इसका नेतृत्व कर रहा था। नारेबाजी को लेकर जब छात्रों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आरएसएस एक खास मकसद के साथ पूरे देश में काम कर रहा है। हमें उनकी मंशा पर शक है। गौरतलब है कि जब जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी हुई थी तो जेयू में भी कुछ छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए थे।

यह भी पढ़ेंः बंगाल में बड़े पैमाने पर रामनवमी मनाने की तैयारी में संघ

पश्चिम बंगाल की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें