यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक आंख गंवाने के बाद भी भालू से जीत गई 60 साल की वृद्धा
जंगल में घास काटने गई वृद्धा हमलावर भालू से भिड़ गई। पांच मिनट तक वह भालू से मौत का पंजा ...और पढ़ें

उत्तरकाशी, [जेएनएन]: जंगल में घास काटने गई 60 साल की वृद्धा ने हमलावर भालू से हार नहीं मानी। करीब पांच मिनट तक उसका भालू से संघर्ष चला। आखिरकार भालू को दुम दबाकर जंगल में भागना पड़ा। इसके बाद भी महिला का साहस दिखिए। एक आंख गंवाने के बाद भी वह जंगल से घर तक पैदल चलकर पहुंची।
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर उत्तरो किलोमीटर दूर उत्तरो गांव है। इस गांव की जमुना देवी (60 वर्ष) सुबह सिमोरी गांव के जंगल में घास काटने अकेले गई थी।
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जैसे ही वह घास काटने लगी तभी घात लगाए बैठे भालू ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से भी यह वृद्धा डरी नहीं। हाथ में दरांती लेकर वह भालू से भिड़ गई। इस दौरान दोनों में गुथमगुत्था होती रही। मौका देख वह भालू पर दरांती से वार भी करती रही।
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करीब पांच मिनट तक दोनों के बीच जीवन और मौत का संघर्ष चला। इस हमले में वृद्धा का जबड़ा टूट गया। एक आंख लटककर बाहर आ गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी और भालू पर लगातार वार करती रही। उसके वार से भालू भी घबराकर जंगल को भाग गया।
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बुरी तरह लहूलुहान अवस्था में जमुना देवी अपने घर पहुंची और बेहोश हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर होने पर उसे देहरादून रेफर कर दिया गया।
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