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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अरब में उत्‍तराखंड और दिल्‍ली के सात युवक फंसे, भारत सरकार से वापसी की गुहार

By gaurav kalaEdited By:
Published: Sat, 10 Sep 2016 05:50 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Sep 2016 07:25 AM (GMT+05:30)

उत्‍तराखंड के छह और दिल्‍ली का एक युवक सऊदी अरब में नौकरी के सिलसिले में गए। वहां उन्‍हें कैद करके ...और पढ़ें

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नई टिहरी, [जेएनएन]: सऊदी अरब के एक होटल में उत्तराखंड के छह और दिल्ली का एक युवक फंस गए हैं। युवकों ने भारत सरकार से स्वदेशी वापसी की मांग की है। युवकों ने बताया कि उन्हें कैद कर लिया गया है और तरह-तरह की यातनाएं दी जा रही हैं।
अरब देश में फंसे युवकों ने उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल के स्थानीय भाजपा नेता राजेश्वर पैन्यूली से फोन पर बातचीत की और अपनी आप-बीती सुनाई।

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पैन्यूली ने पत्रकारों को बताया कि ये युवक सऊदी अरब के अजिजिया स्ट्रीट बहार अल बरीन स्थित होटल मुगल महल में नौकरी करने गए थे। लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें इन युवकों का फोन आया कि यहां पर होटल का मालिक आसिफ उनके साथ बुरा बर्ताव कर रहा है।
मारपीट के बाद युवकों से जबरन काम
होटल में फंसे गजेंद्र सिंह ने बताया कि जब युवकों ने भारत वापसी के लिए अपने दस्तावेज मांगे तो होटल मालिक ने नहीं दिए और युवकों को मारने की धमकी दी। युवकों ने कहा कि होटल मालिक उन्हें मारता पीटता भी है और तबीयत खराब होने पर भी काम कराता है।
युवकों ने भारत वापसी की मांग की है। युवकों की शिकायत पर राजेश्वर पैन्यूली ने विदेश मंत्रालय को इस संबंध में पत्र भेजकर युवकों को वापस लाए जाने की मांग की है। वहीं टिहरी के डीएम इंदुधर बौड़ाई और एसएसपी एनएस नपल्च्याल को भी पत्र भेजकर इस संबंध में कार्यवाही की मांग की है।

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ये हैं युवकों के नाम
सऊदी अरब में फंसे युवकों की पहचान उत्तराखंड के गजेंद्र सिंह पुत्र राम सिंह निवासी सेलाकुर्इं देहरादून, विरेंद्र सिंह पुत्र दर्मियान सिंह निवासी हिंडोलाखाल देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल, विक्रम सिंह पुत्र गोविंद सिंह निवासी भैंसकोट देवप्रयाग, सुभाष चंद पुत्र इंद्रमणि निवासी रौड़धार जाखणीधार टिहरी, सचिन सिंह पुत्र करण सिंह निवासी 133 आशुतोष नगर ऋषिकेश और दिल्ली का एक युवक सचिन शर्मा पुत्र राजकुमार निवासी जे 105- राजेपुरी उत्तम नगर दिल्ली बताई गई है।

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पहले भी हुई हैं घटनाएं
वर्ष 2015 में मलेशिया में टिहरी के नौ युवक फंस गए थे। इन युवकों के पासपोर्ट भी होटल मालिक ने जब्त कर दिए थे। इसी तरह पिछले साल घाना में भी टिहरी के चार युवक फंस गए थे।
दोनों मामलों में भाजपा नेता राजेश्वर पैन्यूली से युवकों ने मदद मांगी थी और उसके बाद युवकों की स्वदेश वापसी हुई थी। पैन्यूली ने केंद्र सरकार से मांग की है कि विदेशों में नौकरी करने वाले सभी युवकों का डाटा बेस बनाया जाए ताकि ऐसी किसी स्थिति में तत्काल कार्यवाही हो सके।

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