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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां के रेडक्रास अस्पताल में चिकित्सक और नर्स का टोटा

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 06 Feb 2017 02:44 PM (IST)Updated: Tue, 07 Feb 2017 07:00 AM (IST)

टिहरी जिले के चंबा में स्थापित एकमात्र रेडक्रॉस अस्पताल वीरान पड़ा है। यहां न तो चिकित्सक हैं और न ही ...और पढ़ें

यहां के रेडक्रास अस्पताल में चिकित्सक और नर्स का टोटा
यहां के रेडक्रास अस्पताल में चिकित्सक और नर्स का टोटा

चंबा, टिहरी [जेएनएन]: टिहरी विधानसभा का एक मात्र रेडक्रॉस अस्पताल वीरान पड़ा है। यहां न तो चिकित्सक हैं और न ही अन्य सुविधाएं। इससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

एक समय था जब नगर के रेडक्रॉस अस्पताल का लाभ सभी लोगों को मिलता था। कुछ वर्षों से यहां गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ी है। तीन साल से यहां न तो चिकित्सक हैं और न ही एएनएम।

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अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसाइटी ने 1950 में महिलाओं को इलाज व प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की थी। तीन साल पूर्व दो महिला चिकित्सक सेवानिवृत्त हो गई। इनके स्थान पर किसी भी चिकित्सक को नहीं भेजा गया।

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इतना ही नहीं दो एएनएम भी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, लेकिन उनकी जगह भी नई नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के नाम पर अस्पताल सफेद हाथी बनकर रह गया है। ढांचागत सुविधाएं व पर्याप्त जगह होने के बाद भी अस्पताल का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।

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उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय बहुगुणा का कहना है कि अस्पताल की सुध ली जाए तो इससे सबसे अधिक लाभ गरीब लोगों को मिलेगा। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों को भी पहल करनी चाहिए।

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वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर का कहना है कि अस्पताल रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है। बजट के अभाव में ऐसी स्थिति आई है। इस संदर्भ में सोसाइटी के अधिकारियों के साथ वार्ता की जायेगी।

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