विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोली लगने के बाद भी भाग निकला नरभक्षी तेंदुआ, ग्रामीणों में आतंक

By gaurav kalaEdited By:
Published: Tue, 13 Sep 2016 06:28 PM (IST)Updated: Wed, 14 Sep 2016 05:00 AM (IST)

टिहरी गढ़वाल स्थित घनसाली में नरभक्षी तेंदुआ आतंक का पर्याय बना हुआ है। एक बालक को निवाला बनाने के बाद ...और पढ़ें

News Article Hero Image

घनसाली, टिहरी, [जेएनएन]: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल स्थित घनसाली में नरभक्षी तेंदुआ आतंक का पर्याय बना हुआ है। विकास खंड भिलंगना के वन रेंज बासर के ग्राम पंचायत सेम में कुछ दिन पहले बालक को निवाला बनाने वाले तेंदुए को सुबह शिकारी ने गोली मार दी। लेकिन घायल होने के बाद भी वह हाथ में नहीं आया।
विदित हो कि पट्टी बासर के ग्राम सेम मे बीते 11 सितंबर की शाम को ग्रामीण चैतु के दस वर्षीय बालक गोलू पर तेंदुए ने निवाला बना दिया था। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग की थी।

पढ़ें: बच्ची पर झपटा तेंदुआ, पोती को बचाने तेंदुए से भिड़ गए उसके बुजुर्ग दादा
तब विभाग ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने के आदेश दिये थे और क्षेत्र मे शिकारी दल तैनात कर दिया था। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे गुलदार गांव में आ धमका। जिस पर शिकारी गंभीर सिंह ने उसे गोली मार दी।
लेकिन वह घटना स्थल से घायल अवस्था में ही भाग निकला। घायल तेंदुए की खोजबीन में वन विभाग तथा ग्रामीण लगे। लेकिन घायल तेंदुए का पता नहीं चल पाया। तेंदुए के घायल होने के बाद उसके भाग निकलने पर ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है।

पढ़ें: टिहरी में शिकारी दल ने तेंदुए को किया ढेर, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
ग्रामीण सुंदर सिंह कठैत, प्रेम सिंह, रोशन लाल आदि लोगों का कहना है कि घायल तेंदुआ अब और भी हमलावर हो जाएगा। खासकर स्कूली बच्चों के लिये खतरा पैदा हो गया है।

पढ़ें: पांच मिनट तक तेंदुए से भिड़ गया युवक, तेंदुए को भागना पड़ा जंगल