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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैलास मानसरोवर मार्ग पर जमकर हिमपात, बर्फ से लकदक हुए पहाड़

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Mon, 02 Jan 2017 07:01 PM (IST)Updated: Tue, 03 Jan 2017 07:00 AM (IST)

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में नारायण आश्रम से लेकर लिपूलेख तक हिमपात हो रहा है। कालापानी से लिपूलेख तक का भू भाग कई फीट बर्फ से ढक चुका है।

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पिथौरागढ़, [जेएनएन]: उच्च हिमालयन भू-भाग में जमकर बर्फबारी हो रही है। मध्य हिमालय ठिठुर रहा है। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं बहने से पूरा जिला कड़ाके की ठंड के आगोश में हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में नारायण आश्रम से लेकर लिपूलेख तक हिमपात हो रहा है। कालापानी से लिपूलेख तक का भू भाग कई फीट बर्फ से ढक चुका है।

मुनस्यारी के मिलम क्षेत्र में नेपाल और चीन सीमा से लगे धारचूला के व्यास और दारमा घाटी में जमकर हिमपात हुआ है। व्यास घाटी में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में नारायण आश्रम से लेकर चीन सीमा लिपूलेख तक भारी हिमपात हो चुका है।

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कालापानी से चीन सीमा तक कई फीट हिमपात हो चुका है। चौदास घाटी में सिर्खा गांव और नारायण आश्रम हिमाच्छादित हो चुके है। दारमा घाटी में भी भारी हिमपात जारी है। मुनस्यारी क्षेत्र में उच्च हिमालयी भू भाग क्षेत्र में कम हिमपात हुआ।

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जिले के अन्य क्षेत्रों में सुबह तो चटक धूप खिली परंतु दोपहर बाद आसमान बादलों से घिर गया। ठंडी हवाएं बहने से ठंड बढ़ चुकी है।

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