यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अनशन कर रहे आंदोलनकारियों को प्रशासन ने उठाया, बाजार बंद
प्रदेशीय अभियंता प्रशिक्षण संस्थान को पूर्व की भांति कालागढ़ से ही संचालित करने सहित 11 सूत्रीय मांग को लेकर क्षेत्रीय ...और पढ़ें

कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल)। प्रदेशीय अभियंता प्रशिक्षण संस्थान को पूर्व की भांति कालागढ़ से ही संचालित करने सहित 11 सूत्रीय मांग को लेकर क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में गत 26 अक्टूबर से आमरण अनशन कर रहे छह आंदोलनकारियों को बीती रात प्रशासन ने उठाकर कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया। उधर, प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में समिति से जुड़े छह अन्य सदस्यों ने शनिवार सुबह से कालागढ़ में आमरण अनशन शुरू कर दिया। साथ ही इस कार्रवाई के विरोध में बाजार भी बंद करवा दिया।
बताते चलें कि क्षेत्रीय विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में कालागढ़ के वाशिंदे 11 सूत्रीय मांग को लेकर 26 अक्टूबर से आमरण अनशन कर रहे थे। गुरुवार को उपजिलाधिकारी जीआर बिनवाल ने मौके पर पहुंच आंदोलनकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई फायदा न हुआ व आंदोलनकारी आमरण अनशन पर डटे रहे।
इधर, एसडीएम के निर्देश पर बीती रात नायब तहसीलदार छवाण सिंह रावत, दिलीप सिंह नेगी व कालागढ़ थानाध्यक्ष नरेंद्र गहलौत के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची व आमरण अनशन पर बैठे समिति के प्रांतीय अध्यक्ष एमएल कन्याल, अध्यक्ष संतोष सैनी, शकील अहमद, विमला देवी व जयपाल व श्री राम को उठा कर सुबह करीब पांच बजे राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कर दिया।
हालांकि, सुबह होते ही सभी छह आंदोलनकारी चिकित्सालय से वापस कालागढ़ लौट गए। उधर, प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों को उठाए जाने की घटना से क्षुब्ध समिति ने शनिवार को कालागढ़ बाजार बंद करवा दिया। साथ ही शशि रानी, कोमल थापा, रुपा बोरा, छोटी देवी, एनएचआर खान व वेदपाल सिंह विद्रोही आमरण अनशन पर बैठ गए।
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