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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेवाड़ विश्वविद्यालय के कुलपति की जमानत खारिज

By sunil negiEdited By:
Published: Sun, 26 Jun 2016 10:48 AM (IST)Updated: Sun, 26 Jun 2016 10:53 AM (IST)

प्रभारी जिला जज सुशील तोमर की कोर्ट ने छात्रों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर छात्रवृत्ति हड़पने के आरोपी ...और पढ़ें

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नैनीताल, [जेएनएन]: प्रभारी जिला जज सुशील तोमर की कोर्ट ने छात्रों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर छात्रवृत्ति हड़पने के आरोपी कथित मेवाड़ विवि के कुलपति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

गौरतलब है कि अधिवक्ता दिवाकर द्वारा विजिलेंस को गोपनीय शिकायत पत्र भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि नैनीताल व अन्य जिलों में अनुसूचित जाति-जनजाति के पोस्ट मैट्रिक छात्रों को समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही दशमोत्तर छात्रवृत्ति में घपला किया जा रहा है। पत्र में कथित मेवाड़ विवि के कुलपति अशोक कुमार गदिया निवासी-142 शास्त्रीनगर, चित्तौडग़ढ़, राजस्थान द्वारा गाजियाबाद के कारपोरेशन बैंक में खाता खोलकर घोटाला किया जा रहा है।


गोपनीय पत्र की जांच के बाद सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी के निरीक्षक अरविंद डंगवाल द्वारा भीमताल थाने में कथित विवि के कुलपति अशोक कुमार व कंप्यूटर सेंटर संचालक ललित नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। इधर प्रभारी जिला जज की कोर्ट में कुलपति की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपी की जमानत नामंजूर कर दी।

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