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    शिक्षा मित्रों की नियुक्ति मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

    By gaurav kalaEdited By:
    Updated: Thu, 04 Aug 2016 07:00 AM (IST)

    हाई कोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्रों की नियुक्ति को चुनौती देती याचिका पर सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं।

    नैनीताल, [जेएनएन]: अतिथि शिक्षकों के बाद अब राज्य सरकार शिक्षा मित्रों की नियुक्ति में फंस गई है। हाई कोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के पद पर नियुक्ति को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं।
    हरिद्वार निवासी ललित व अन्य ने याचिका दायर कर कहा है कि शासन ने प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली में शिक्षा मित्रों को बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किए ही शिक्षक के रूप में शामिल कर लिया, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा-23-दो का उल्लंघन है।

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    शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा-23 के तहत अध्यापक की नियुक्ति में यदि कोई छूट प्रदान की जाती है तो इसका गजट केंद्र सरकार को जारी करना होता है, मगर उत्तराखंड में शिक्षा मित्रों की नियुक्ति में केंद्र सरकार ने कोई छूट नहीं दी है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिक्षा मित्रों को टीईटी में छूट 17 फरवरी 2014 के अनुसार दी गई है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ में हुई।

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