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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्टाफ नर्सों की नियुक्ति में हो रही देरी पर हाई कोर्ट खफा

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 15 Dec 2016 06:59 PM (IST)Updated: Fri, 16 Dec 2016 03:00 AM (IST)

हाई कोर्ट ने स्टाफ नर्स के 70 पद भरे जाने के आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले को सुनने ...और पढ़ें

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नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने स्टाफ नर्स के 70 पद भरे जाने के आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले में डीजी हेल्थ से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि स्टाफ नर्सों की अति आवश्यकता के बाद भी पद क्यों नहीं भरे गए, कारण स्पष्ट किया जाए। यदि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने इसका जवाब नहीं दिया तो उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होना होगा।

उत्तरकाशी निवासी हर्षमणि नौडियाल ने याचिका दायर कर कहा था कि सरकार द्वारा स्टाफ नर्सों की नियुक्ति बीएससी नर्सिंग में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर की जा रही है। याचिका में स्टाफ नर्सों की नियुक्ति एम्स, इंडियन रेलवे, पीजीआइ चंडीगढ़ की तरह राज्य में स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की मांग की गई।

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पूर्व में अदालत द्वारा 70 प्रतिशत पद भरने के निर्देश दिए गए थे। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की एकल पीठ ने मामले को सुनने के बाद डीजी हेल्थ को कारण बताओ नोटिस जारी जारी करने का आदेश पारित किया। यदि उन्होंने जवाब नहीं दिया तो 26 दिसंबर को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होना होगा।

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