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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पकड़े गए बावरिया गिरोह के पांच शिकारी

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Published: Wed, 15 Apr 2015 09:48 AM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की सूचना पर तराई पूर्वी वन प्रभाग के

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की सूचना पर तराई पूर्वी वन प्रभाग के रनसाली रेंज से टाइगर का शिकार करने वाले बावरिया गिरोह के चार शातिर शिकारियों को पकड़ा गया है। वन विभाग की टीम ने इनके पास से टाइगर को फंसाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चार कड़के (ट्रेप) भी बरामद हुए हैं। वन अधिकारी पकड़े गए बावरिया गिरोह के शिकारियों से पूछताछ कर वन अपराध से जड़े मामलों की पड़ताल करने की कोशिश की रही है।

डब्ल्यूएलसीसीबी से सूचना मिली कि तराई पूर्वी वन प्रभाग के रनसाली रेंज में बावरिया गिरोह के लोग सक्रिय हैं। इसके बाद वन विभाग में ट्रेनी अफसर चंद्रशेखर जोशी के नेतृत्व में डब्ल्यूएलसीसीबी के इंस्पेक्टर कौशिक मंडल, इफेक्ट संस्था के अभिषेक के साथ ही वन टीम ने रनसाली रेंज में छापा मारा और यहां से बावरिया गिरोह के पांच शिकारियों को पकड़ने के साथ ही टाइगर के पंजे को फंसाने के लिए बनाए गए चार कड़के भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए शिकारियों में सरजीत पुत्र मुंशी, मंगत राम पुत्र भगवान और मुंशी पुत्र थनदूराम निवासी ताजपुर रोड लुधियाना और बाबू मियां पुत्र मुस्ताक निवासी प्रिंस विहार रोड रुद्रपुर के साथ ही अंजुमन पुत्र बाबू मियां हैं। वन विभाग की टीम ने इन शिकारियों को पकड़ने के बाद जांच-पड़ताल के लिए रुद्रपुर क्षेत्र में भी ले गई। पकड़े गए शिकारियों से वन अपराध से जुड़े कई और मामलों से संबंधित पूछताछ भी की जाएगी। इससे कई बड़े मामलों के पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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वर्जन :

बावरिया गिरोह के पकड़े गए शिकारियों से वन अपराध से जड़े कई मामलों की पड़ताल करने की कोशिश होगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इस खूंखार गिरोह का पकड़ा जाना विभाग की बड़ी उपलब्धि है।

--डॉ. पराग मधुकर धकाते

डीएफओ, तराई पूर्वी