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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सैलानियों से गुलजार हुआ राजाजी का आंगन

By BhanuEdited By:
Published: Tue, 31 May 2016 04:15 PM (IST)Updated: Tue, 31 May 2016 04:18 PM (IST)

राजाजी राष्ट्रीय पार्क इन दिनों सैलानियों से गुलजार है। पार्क की सबसे प्रमुख चीला रेंज की बात करें तो यहां ...और पढ़ें

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हरिद्वार। राजाजी राष्ट्रीय पार्क इन दिनों सैलानियों से गुलजार है। पार्क की सबसे प्रमुख चीला रेंज की बात करें तो यहां रोजाना 30 से 40 वाहन पर्यटकों को सफारी पर ले जा रहे हैं। इनमें 25 से 30 वाहन पार्क के हैं। ऐसे में पार्क प्रशासन के राजस्व में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। औसतन 40 हजार रुपये का राजस्व हर दिन पार्क को प्राप्त हो रहा है।
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध राजाजी राष्ट्रीय पार्क पर्यटकों की आगवानी को तैयार हो जाता है। इन दिनों भी पार्क में पर्यटकों की खासी चहल-पहल है। पार्क की चीला रेंज में ही हर दिन 200 से 300 पर्यटक पहुंच रहे हैं।

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सफारी के लिए सुबह छह से नौ बजे तक और दोपहर में तीन से छह बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। वर्ष 2015 में पार्क को करीब 35 लाख रुपये की आमदमी हुई थी, जबकि वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 25 लाख रुपये रहा।
पार्क प्रशासन को उम्मीद है इस बार राजस्व में रेकार्ड इजाफा होगा। पार्क के रेंज अधिकारी सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि भारतीय पर्यटकों से 150 रुपये, जबकि विदेशी पर्यटकों से 600 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता है। इसी तरह भारतीयों से वाहन का किराया 250 रुपये और विदेशियों से 500 रुपये वसूला जाता है।

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उन्होंने बताया कि पार्क ने इस बार सैलानियों की जानकारी के लिए विशेष ब्रॉशर भी तैयार किया है, जिसमें पार्क संबंधी पूरा ब्योरा उपलब्ध है। बताया कि शनिवार को 226 भारतीय व आठ विदेशी सैलानियों के आने से 53 हजार 125 रुपये और रविवार को 260 भारतीय व 15 विदेशी सैलानियों के आने से 63 हजार 225 रुपये की आय हुई।
गुलदार व हाथी देखकर उत्साहित हुए पर्यटक
राजाजी नेशनल पार्क की सैर करने आए दिल्ली निवासी शशांक गुप्ता का कहना था कि सफारी के दौरान उन्हें गुलदार व हाथी के दीदार हुए। यह उनका पहला अनुभव था, जब उन्होंने अपने सामने से गुलदार को जाते हुए देखा। हरिद्वार निवासी अनिरुद्ध चौहान व हिमांशु वालिया का कहना था कि हाथियों के झुंड को पानी में अठखेलियां करते देखना बेहद रोमांचकारी अनुभव था।
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