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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा में खनन के विरोध में स्वामी शिवानंद ने सुबह त्यागा जल, शाम को किया ग्रहण

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 11 Jan 2016 10:26 AM (IST)Updated: Mon, 11 Jan 2016 10:28 AM (IST)

गंगा व सहायक नदियों में खनन के विरोध में कनखल क्षेत्र के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ...और पढ़ें

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हरिद्वार। गंगा व सहायक नदियों में खनन के विरोध में कनखल क्षेत्र के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने सुबह जल त्याग दिया। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने जल ग्रहण किया।
गंगा में किसी भी तरह का खनन का विरोध करने वाले स्वामी शिवानंद खनन के पट्टे पुन: खोलने से नाराज हैं। खनन के विरोध में स्वामी शिवानंद ने गत दिवस अन्न त्याग दिया था। सुबह छह बजे से उन्होंने जल त्यागने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सात दिसंबर 2015 को हुई वार्ता में जिलाधिकारी हरबंस चुघ ने खनन पट्टों पर रोक लगाने एवं अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। अब खनन पट्टे पुन: खुलने से गंगा में खनन शुरू हो गया है। ऐसा होने से जिलाधिकारी ने वादाखिलाफी की है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन मानकों के अनुरूप खनन की बात कर रहा है, जो कि सरासर धोखा है। मानकों के अनुरूप गंगा में खनन नहीं हो सकता। प्रशासन गंगा के मूल स्वरूप को नष्ट करने में तुला है। इसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तीसरे पहर एसडीएम हरिद्वार प्रत्यूष सिंह मातृ सदन पहुंचे और उन्होंने स्वामी शिवानंद को सुबह से जनपद में खनन बंद होने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि साथ ही उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। तीन दिन के भीतर खनन बंद करने का शासनादेश जारी हो जाएगा। इस पर स्वामी शिवानंद ने जल ग्रहण कर लिया।
पढ़ें-गंगा में खनन के विरोध में स्वामी शिवानंद ने त्यागा अन्न