विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा में खनन के विरोध में स्वामी शिवानंद ने त्यागा अन्न

By BhanuEdited By:
Published: Sun, 10 Jan 2016 11:50 AM (IST)Updated: Sun, 10 Jan 2016 12:23 PM (IST)

गंगा व सहायक नदियों में खनन पटटे खोले जाने के विरोध में कनखल क्षेत्र के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन आश्रम ...और पढ़ें

News Article Hero Image

हरिद्वार। गंगा व सहायक नदियों में खनन पटटे खोले जाने के विरोध में कनखल क्षेत्र के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्पती ने तप शुरू कर दिया है। इसके तहत उन्होंने अन्न त्याग दिया। साथ ही उन्होंने कल से जल भी त्यागने की घोषणा की।
खनन के खिलाफ मातृ सदन समय-समय पर आंदोलन करता रहा है। इसके परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद आश्रम में ही सुबह छह बजे से तपस्या पर बैठ गए। मांगों को लेकर उन्होंने अन्न त्याग दिया है।
गंगा में किसी भी तरह का खनन का विरोध करने वाले स्वामी शिवानंद ने खनन के पट्टे पुन: खोलने से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर 2015 को हुई वार्ता में जिलाधिकारी हरबंस चुघ ने खनन पट्टों पर रोक लगाने एवं अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
अब खनन पट्टे पुन: खुलने से गंगा में खनन शुरू हो गया है। ऐसा होने से जिलाधिकारी ने वादाखिलाफी की है। उन्होंने चेतावनी दी कि सोमवार से वह जल का भी त्याग कर देंगे।
पढ़ें-स्वामी शिवानंद ने खनन के खिलाफ फिर से खोला मोर्चा