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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राहुल गांधी में राजनीतिक कच्चापन : शंकराचार्य

By sunil negiEdited By:
Published: Thu, 07 Apr 2016 12:42 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 08 Apr 2016 08:00 AM (GMT+05:30)

ज्योतिष और शारदा पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उत्तराखंड के राजनीतक हालात के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ...और पढ़ें

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हरिद्वार। ज्योतिष और शारदा पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उत्तराखंड के राजनीतक हालात के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी में राजनीतिक कच्चेपन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने राहुल को नसीहत दी कि सियासी परिपक्वता के लिए उन्हें अपने नाना और दादी की तरह जनता में घुलना मिलना चाहिए।
दो सप्ताह के प्रवास पर हरिद्वार पहुंचे शंकराचार्य गुरुवार को शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। हरीश रावत को सच्चा नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए था पर, केंद्र सरकार को इस बात की भनक पहले ही लग गई थी कि मौका मिलने पर रावत बहुमत साबित कर देंगे। यही वजह रही कि केंद्र ने आनन फानन में राष्ट्रपति शासन लगा दिया।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार ने अब तक एक बार भी राममंदिर निर्माण की बात नहीं की। साफ है कि राममंदिर मुद्दा भाजपा के लिए एक राजनीतिक शिगूफा है। कहा कि हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है कि वहां पर कोई मस्जिद नहीं थी, न ही वहां कोई मीनार थी और न ही बाबर वहां कभी गया था। इतना ही नहीं वहां पर मंगल कलश और रामभक्त हनुमान के चित्र भी मिले पर केंद्र की भाजपा सरकार ने इन तथ्यों के बावजूद राममंदिर निर्माण को अब तक कोई पहल नहीं की। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि सरकार के स्तर पर अयोध्या में राममंदिर वाली जगह पर मंदिर के पक्ष में मिले अवशषों मिटाया जा रहा है।

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