अब तबादलों के लिए नहीं लगानी पड़ेगी गुहार
आज देहरादून स्थित भाजपा मुख्यालय में जनता दरबार आयोजित किया गया। इसमें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने लोगों की समस्याएं सुनी।
देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि तबादलों के लिए किसी के आगे गुहार लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक माह में कोटीकरण कर दिया जाएगा। इसके बाद इसमें शिक्षकों से सुझाव लिए जाएंगे, फिर इसे लागू किया जाएगा। इसके बाद व्यवस्था ऐसी होगी कि किसी शिक्षक को नियमविरुद्ध तबादलों की शिकायत नहीं मिलेगी।
भाजपा मुख्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने तबादलों की अर्जी लेकर आए शिक्षकों से यह बात कही। दरअसल जनता दरबार में शिक्षक उनके पास लंबे समय से दुर्गम स्थानों पर ही रहने के बावजूद तबादला न होने की शिकायत लेकर आए थे। उनका कहना था कि जहां वे तैनात हैं, पहले वह स्कूल दुर्गम में था। कोटीकरण के बाद उसे सुगम दर्शाया गया।
इससे उनका तबादला नहीं हो पा रहा है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि व्यक्ति की आवश्यकता पर तत्काल स्थानांतरण समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग की तुलना उस मकान से की जिसकी न तो बुनियाद अच्छी है और न ही दीवार। बावजूद इसके उसमें लिंटर डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा विभाग की बुनियाद को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
इसमें थोड़ा और सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुरोध वाले तबादले समय आने पर होंगे। जनता दरबार में कोठा, थराली चमोली के एसपी पुरोहित ने 2013 की आपदा के कारण भूस्खलन की समस्या को रखते हुए दीवार बनाने का अनुरोध किया। इस पर कैबिनेट मंत्री ने डीएम चमोली को फोन पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री के सामने कानून-व्यवस्था, आर्थिक सहायता, अतिक्रमण, आउटसोर्स के जरिए नौकरी लगाने आदि समस्याएं रखी गई। उन्होंने इनके तत्काल निस्तारण के आदेश दिए। कैबिनेट मंत्री के जाने के बाद मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार उर्बादत्त भट्ट ने भी समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक दर्शन सिंह रावत भी मौजूद थे।
पति का तबादला करो, नहीं तो धरने पर बैठ जाऊंगी
जनता दरबार में एक महिला अपने पति के तबादले की गुहार लेकर आई। महिला का कहना था कि लंबे समय से उनके पति पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात हैं। मानकों में बदलाव के चलते उनका तबादला नहीं हो पा रहा है। यदि तबादला नहीं हुआ तो वह धरने पर बैठ जाएंगी। इस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि वे इसी व्यवस्था को सुधार रहे हैं।
बीएडी टीइटी प्रशिक्षितों ने लगाई गुहार
टीइटी प्रथम परीक्षा पास कर चुके बीएड प्रशिक्षितों ने भी शिक्षा मंत्री से वार्ता कर केंद्र को प्रत्यावेदन भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि केंद्र ने इस विषय में प्रदेश सरकार से कुछ जानकारी मांगी है। इस पर शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को फोन कर अतिशीघ्र केंद्र की ओर से मांगे गए बिंदुओं पर जवाब भेजने के निर्देश दिए।
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग
जनता दरबार में शिक्षामित्र क्रांतिकारी महासंघ ने शिक्षामित्रों के मानदेय का मसला उठाया। महासंघ के अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि वर्ष 2016 में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का शासनादेश हुआ था। इसके दो माह तक उन्हें बढ़ा हुआ शासनादेश मिले लेकिन उसके बाद यह बंद कर दिया गया। इस पर शिक्षामंत्री ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
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