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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आर्मी चीफ ने 43 साल बाद पहनी अपने स्कूल की टाई और ब्‍लेजर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 09 Sep 2017 05:58 PM (IST)Updated: Sat, 09 Sep 2017 10:44 PM (IST)

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देहरादून स्थित कैम्ब्रियन हॉल के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्‍होंने स्‍कूल की टाई और ब्‍लेजर पहनी।

आर्मी चीफ ने 43 साल बाद पहनी अपने स्कूल की टाई और ब्‍लेजर
आर्मी चीफ ने 43 साल बाद पहनी अपने स्कूल की टाई और ब्‍लेजर

देहरादून, [जेएनएन]:वर्ष 1972 में कैंब्रियन हॉल स्कूल से पासआउट हो चुके जनरल बिपिन रावत 43 साल बाद स्कूल पहुंचे तो दोबारा स्कूल की यूनिफॉर्म में नजर आए। उन्होंने इस पल को गौरवशाली व कभी न भूलने वाला बताया।

जनरल बिपिन रावत ने कहा कि जब उन्होंने समारोह में शामिल होने के लिए हामी भरी तो स्कूल प्रशासन ने एक शर्त भी रखी। स्कूल प्रशासन का कहना था कि उन्हें स्कूल की यूनिफॉर्म में आना होगा और उन्हें यूनिफॉर्म भेंट भी की गई। 43 साल बाद स्कूल की पोशाक दोबारा पहनकर उसी स्कूल में आना अपने आप में एक अद्वितीय अहसास है।

हालांकि इस बात को उन्होंने मंच से हल्के-फुल्के अंदाज में बयां करते हुए कहा कि तब भी स्कूल के प्रधानाचार्य यूनिफॉर्म पहनकर आने की सख्त हिदायत देते थे और अब इतने दशक बाद भी प्रधानाचार्य की हिदायत पर उन्होंने स्कूल की यूनिफॉर्म पहनी है। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि संयोग से उनका दाखिला इस स्कूल में हुआ। कक्षा एक व दो की पढ़ाई कॉन्वेंट एंड जीजस मैरी में की, मगर वहां इसके बाद की कक्षाएं सिर्फ लड़कियों के लिए थीं।

लिहाजा, उन्हें वह स्कूल छोडऩा पड़ा। इस बात को भी उन्होंने चुटकी लेने वाले अंदाज में बयां किया। उन्होंने कहा कि लड़कियों वाले स्कूल को छोड़ना आसान नहीं था, पर ऐसा करना मजबूरी था। तब लड़कों और लड़कियों में भेद भी अधिक था, अच्छी बात है कि आज के दौर में लड़के और लड़कियां सुखद माहौल में एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं।

 

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