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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंपावत में राकेश हत्‍याकांड के सभी हत्यारोपी गिरफ्तार

By sunil negiEdited By:
Published: Tue, 29 Mar 2016 07:11 PM (IST)Updated: Wed, 30 Mar 2016 10:11 AM (IST)

चंपावत जिले के तल्ली चौकी के राकेश हत्याकांड के सभी सात आरोपियों को पुलिस ने जेल पहुंचा दिया है। 22 ...और पढ़ें

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चंपावत। तल्ली चौकी के राकेश हत्याकांड के सभी सात आरोपियों को पुलिस ने जेल पहुंचा दिया है। 22 मार्च को होली के दौरान आरोपियों ने राकेश मौनी की हत्या कर दी थी। हमले में तीन अन्य घायल हुए थे। पांच आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। फरार दो आरोपी कल शाम पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
होली के दौरान हुए झगड़े को लेकर 22 मार्च को ईश्वर सिंह कोटियाल व अन्य ने कांग्रेस नेता बिंदु सिंह मौनी के परिजनों पर हमला बोल दिया था। हमले में मौनी के पुत्र राकेश सिंह, कमल सिंह, चंद्रशेखर व कमल की पत्नी देवकी देवी घायल हो गए। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान राकेश सिंह (30 वर्ष) की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने एसपी आवास के बाहर शव रख कर रात में धरना प्रदर्शन किया।
अगले दिन बिंदु सिंह ने एक महिला समेत सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रिपोर्ट में ईश्वर सिंह, भगवत सिंह, दलीप सिंह, पवन सिंह, बोध सिंह, लक्ष्मण सिंह व लक्ष्मण की पत्नी रेनू देवी को नामजद किया गया था। पुलिस ने दूसरे दिन लक्ष्मण सिंह, दलीप सिंह व रेनू देवी को गिरफ्तार कर लिया। 26 मार्च पुलिस ने मुख्य आरोपी ईश्वर सिंह व बोध सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस फरार आरोपी पवन सिंह व भगवत सिंह की तलाश में जुटी थी। सोमवार की शाम को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पवन व भगवत को ग्राम चौड़ाखेत के समीप गौड़ी पॉवर हाउस को जाने वाली नहर के किनारे से गिरफ्तार कर लिया। टीम में एसएसआई महेश चंद्र, एसआई पीआर विश्वकर्मा, संजय पांडेय, कांस्टेबल महेश मर्तोलिया, प्रहलाद सिंह आदि शामिल थे। मंगलवार को दोनों सीजेएम कोर्ट में पेश किए गए। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अमर सिंह के झाले में गुजारी दो रातें
कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने बताया कि पवन व भगवत ने हत्याकांड में शामिल होना स्वीकार किया है। हत्या करने के बाद सभी अलग अलग दिशा में फरार हो गए। पवन व भगवत जंगल में छिपे थे। उन्होंने दो रातें अमर सिंह के जंगल किनारे स्थित झाले में गुजारी। उसके बाद वे पुल्ला क्षेत्र में चले गए। एक रात वहां गुजारने के बाद वे कल शाम को नदी किनारे किनारे चम्पावत पहुंच कर कहीं बाहर भागने की फिराक में थे। तभी दबोच लिए गए। पवन ने अपनी खून लगी कमीज नदी में बहा दी थी। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पवन के पास भी एक चाकू था। ईश्वर के खून लगे कपड़े व पवन का चाकू बरामद करे के लिए जल्द ही पुलिस उन्हें रिमांड में लेगी।
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