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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विदेश की धरती पर नाम रोशन कर स्वदेश लौटे सत्येंद्र, जोरदार स्वागत

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 16 Aug 2017 06:10 PM (IST)Updated: Wed, 16 Aug 2017 09:55 PM (IST)

पूरे देश में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले सत्येंद्र का अपने घर चमोली पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। फिलिपींस ...और पढ़ें

विदेश की धरती पर नाम रोशन कर स्वदेश लौटे सत्येंद्र, जोरदार स्वागत
विदेश की धरती पर नाम रोशन कर स्वदेश लौटे सत्येंद्र, जोरदार स्वागत

चमोली, [जेएनएन]: फिलीपींस में आयोजित हुई जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2017 में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले घूनी के लाल सत्येंद्र  का अपने घर चमोली पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया।   

चमोली जिले के घूनी गांव निवासी किसान महेंद्र सिंह रावत के बेटे सत्येंद्र सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश के लिए रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। सत्येंद्र ने फिलीपींस में आयोजित हुई जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2017 में 81 प्लस किग्रा वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने 2018 में होने वाली वर्ल्‍ड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

चैंपियनशिप जीतने के बाद जब वह पहली बार चमोली पहुंचे तो गाट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान सत्येंद्र के दीदार को पहुंचे क्षेत्र के लोगों ने उसका माल्यार्पण किया। वहीं बैंड के साथ क्षेत्र की महिलाएं खुशी से झूमती नजर आई। इस दौरान व्यपार संघ के पदाधिकारियों ने स सत्येंद्र का सम्मान किया। 

भार्इ के घर पहुंचने पर बहन ने बांधी राखी

वहीं इस दौरान सत्येंद्र के कोच ने सूबेदार जीवन सिंह नेगी ने भारत के लिए गोल्ड जिताने की इच्छा जाहिर की। इसके साथ ही सत्येंद्र के घर पहुंचते ही उसकी बहन गंगोत्री ने अपने प्यार भरी राखी भार्इ की कलार्इ पर बांधी। 

बचपन से ही था बॉक्सिंग का शौक

सत्येंद्र को बचपन से ही बॉक्सिंग का शौक था, मगर आर्थिक स्थिति कमजोर होने और गांव में बॉक्सिंग की सुविधा न होने के कारण वह अपने हुनर को तराश नहीं पा रहे थे। राजकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय चौनघाट में खेल शिक्षक जोगेंद्र सिंह रावत ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और प्रशिक्षण देना शुरू किया। 

कड़ी मेहनत का मिला फल

दो साल की कड़ी मेहनत के बाद सत्येंद्र ने वर्ष 2012 में महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज में प्रवेश पाया। यहां उन्होंने दो वर्ष तक शिक्षण ग्रहण करने के साथ ही बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2014 में उनका गढ़वाल रेजीमेंट की ब्वॉयज स्पोटर्स कंपनी में बतौर सिपाही चयन हो गया। इसी वर्ष जून में गुवाहाटी में हुई प्रथम नेशनल जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सत्येंद्र स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 

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