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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एलकेजी के छात्र ने पैंट में की टॉयलेट तो स्कूल की दाई ने उसी बच्चे से कराई सफाई

By Amal ChowdhuryEdited By:
Published: Sun, 15 Oct 2017 12:36 PM (IST)Updated: Sun, 15 Oct 2017 12:37 PM (IST)

छात्र के पिता ने बताया कि घटना के बाद से उनका बच्चा सहम गया है, कुछ खा-पी नहीं रहा है।

एलकेजी के छात्र ने पैंट में की टॉयलेट तो स्कूल की दाई ने उसी बच्चे से कराई सफाई
एलकेजी के छात्र ने पैंट में की टॉयलेट तो स्कूल की दाई ने उसी बच्चे से कराई सफाई

वाराणसी (जागरण संवाददाता)। वाराणसी के सेंट जांस, डीएलडब्ल्यू में एलकेजी में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र यशोवर्धन को शिक्षिका ने कई बार निवेदन के बावजूद शौच की इजाजत नहीं दी। पेट दर्द से परेशान छात्र ने कुछ देर बाद पैंट में ही शौच कर दिया।

इसके बाद जो कुछ हुआ वह और अधिक हैरान करने वाला है।सफाई के लिए बच्चे को बाथरूम में ले गई दाई ने उसे न सिर्फ डांटा बल्कि उसी से ही शौच साफ कराया। इसके बाद तो हद ही कर दी गई, मासूम यशोवर्धन को लड़की का यूनीफार्म पहनाकर कई घंटे तक क्लास में बिठाया गया। बच्चे के पिता राकेश तोमर ने इस मामले की शिकायत स्कूल प्रशासन से की है।

घटना शुक्रवार की है। यशोवर्धन रोज की तरह स्कूल पहुंचा। सुबह 9.30 बजे के करीब उसने टीचर से शौच जाने की बात कही। इस पर टीचर ने उसे डांटा और क्लास खत्म होने के बाद जाने को कहा। पेट दर्द से परेशान मासूम को पैंट में ही शौच हो गया। इसके बाद दाई ने जब यशोवर्धन से खुद शौच साफ करने को कहा। इस पर उसने कहा, 'मुझे साफ करना नहीं आता, मम्मी साफ करती हैं।'

काफी डराने पर बड़ी मुश्किल से उसने खुद शौच साफ किया। इसके बाद उसे लड़की का यूनीफार्म पहना दिया गया। लड़की के ड्रेस में क्लास में घुसने पर साथी छात्र उस पर हंसने लगे। दोपहर 12.30 बजे उसी यूनीफार्म में घर पहुंचे यशोवर्धन को देख माता-पिता हैरान रह गए। पूछने पर उसने रोते-रोते सारी बात बताई।

इसके बाद उसके पिता स्कूल पहुंचे। वहां फादर के छुट्टी पर होने की बात कह शिकायत ले ली गई। राकेश ने बताया कि घटना के बाद से उनका बच्चा सहम गया है। कुछ खा-पी नहीं रहा है। स्कूल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पिता ने कहा कि इस बीच यदि बच्चे को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।

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डीआइओएस ओपी राय कहते हैं, बच्चे को शौच की अनुमति न देना गंभीर प्रकरण है। हालांकि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो इसकी जांच कराई जाएगी। विद्यालय प्रबंधन दोषी होने पर संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए आइसीएसई बोर्ड को संस्तुति की जाएगी।

वहीं स्कूल के फादर सुसाईराज ने बताया, छुट्टी पर होने की वजह से मैं इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कह सकता। सोमवार को स्कूल पहुंचने पर वास्तविकता का पता लगाएंगे। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।

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