यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइएएस बन आए सचिन, घर-गांव गदगद
प्रतापगढ़ : हाल ही में आइएएस बने सांगीपुर के सचिन वैश्य अग्रहरि को अपने बीच पाकर घर-गांव इतराने लगा।

प्रतापगढ़ : हाल ही में आइएएस बने सांगीपुर के सचिन वैश्य अग्रहरि को अपने बीच पाकर घर-गांव इतराने लगा। हर चेहरे पर मुस्कान तैर गई।
सचिन शुक्रवार की शाम अपने दादा राम बहादुर अग्रहरि के साथ दिल्ली से आए। कस्बा पहुंचते ही उनकी मां अशोक कुमारी व पिता अनिल कुमार अग्रहरि, चाचा प्रेम कुमार, दादा नन्हें ने सचिन को गले लगा लिया। परिजनों के खुशी के आंसू छलक पड़े। मां अशोक कुमारी खुशी से झूम उठी और बोल पड़ी..बेटवा दूर से आवत अहा, चला पहिले कुछू खाय ल्या। मां के इस बचपने लाड प्यार को सुन सचिन की आंखों में आंसू आ गए। वह बोल पड़े मां तो मां होती है, जिसे अपने पुत्र का दर्द पहले याद आता है। क्षेत्रवासियों सहित सांगीपुर व्यापार मंडल के व्यापारी व अध्यक्ष भूपेंद्र ¨सह द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
साहब बनकर आए सचिन को अपने बीच पाकर लोगों ने उसे फूल मालाओं से लाद दिया। रिश्तेदारों व मित्रों, व्यापारियों सहित तमाम लोगों ने गले मिलकर बधाई दी। व्यापारियों ने सचिन को कंधे पर बिठाकर पूरे बाजार में ढोल नगाड़े के साथ घुमाया। तमाम लोग थिरक उठे। सचिन सबसे पहले न्यू पब्लिक स्कूल सांगीपुर पहुंचे, जहां से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत की थी। वहां पहुंचकर अपने गुरु गुलाब ¨सह का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बड़े बुजुर्गों को नमन करके सबका एक साथ आभार जताया। सचिन की अगुवानी व स्वागत के समय पूरा सांगीपुर बाजार उमड़ पड़ा था। इस मौके पर कुंवर बहादुर ¨सह, रमाशंकर वैश्य, पप्पू अग्रहरि, लवलेश पांडेय, अशोकधर द्विवेदी, नरेंद्र मिश्र, मार्तंड प्रताप ¨सह,ओम नारायण पांडेय, अंशुमान तिवारी, सत्यनारायण केसरवानी, राम बोध शुक्ल, रविशंकर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
