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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साक्ष्य तलाशने पहुंची यूके पुलिस

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Published: Wed, 29 Jan 2014 11:55 PM (IST)

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पीलीभीत : शहर में बहुचर्चित रहे गीता खोलिया की मौत का मामला सात वर्ष बाद दोबारा सुर्खियों में आ गया है। राष्ट्रीय महिला जागृति मंच अध्यक्ष की शिकायत पर प्रकरण मे साक्ष्य जुटाने के लिए उत्तराखंड की पुलिस पीलीभीत पहुंची। यहां कोतवाली पुलिस से प्रकरण संबधी अहम दस्तावेज चेक कर जानकारी प्राप्त की गई।

निरंजन कुंज कालोनी निवासी गीता खोलिया की दिसंबर 2007 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसमें छह दिसंबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद अब सात वर्ष बाद एक बार फिर प्रकरण उभरा है। राष्ट्रीय महिला जागृति मंच अध्यक्ष डा.मनु नीरज ने डीजीपी को पत्र भेज मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की। जिस पर कार्यवाही करते हुए जांच का जिम्मा रानीखेत के पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार आचार्य को दिया गया। बुधवार को प्रकरण में साक्ष्य जुटाने के लिए उत्तराखंड की अल्मोड़ा पुलिस एसआइ टीएस अधिकारी के नेतृत्व मे पीलीभीत पहुंची। सर्वप्रथम कोतवाली थाने पहुंच कर दर्ज मुकदमें की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद न्यायालय में भी मुकदमे से संबधित जानकारी ली गई।

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बढ़ सकती है मुश्किलें

उत्तराखंड में विधायक पर आरोप लगाते हुए महिला मंच अध्यक्ष द्वारा की गई शिकायत पर शुरू हुई पुलिस कार्यवाही ने आरोपियों की धड़कनें तेज कर दी है। वहंी कई अन्य सफेद पोश लोगों के नाम प्रकाश मे आने की संभावना जताई जा रही है।

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उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग की मांग की थी। आज अलमोड़ा पुलिस की एक टीम आई थी, जिसको कोतवाली पुलिस द्वारा प्रकरण से संबधित दस्तावेज मुहैया कराए गए हैं।

एन कोलान्ची

एसपी

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