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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमिताभ ठाकुर बोले गायत्री को गिरफ्तार नहीं करना चाहती पुलिस

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sat, 04 Mar 2017 09:06 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 04 Mar 2017 09:16 PM (GMT+05:30)

आइजी रूल्स एंड रेग्यूलेशन अमिताभ ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति को पुलिस गिरफ्तार करना नहीं चाहती। जानबूझकर समय गुजार रही है।

अमिताभ ठाकुर बोले गायत्री को गिरफ्तार नहीं करना चाहती पुलिस
अमिताभ ठाकुर बोले गायत्री को गिरफ्तार नहीं करना चाहती पुलिस

मुरादाबाद (जेएनएन)। आइजी रूल्स एंड रेग्यूलेशन अमिताभ ठाकुर ने कहा  कि कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति को पुलिस गिरफ्तार करना नहीं चाहती है। जानबूझ कर लापरवाही हो रही है। उनके साथ सात आरोपी भी फरार हैं। लखनऊ पुलिस साक्ष्य जुटाने के नाम पर समय गुजार रही है। 
पुलिस अकादमी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता की। इससे पहले रामपुर की अदालत में पेश होकर बर्खास्त सिपाही मुहम्मद रफी के धमकी देने के आरोप के केस को प्रार्थना पत्र देकर यथाशीघ्र निस्तारित करने की मांग की। रामपुर में मीडिया से कहा कि सही समय आने पर राजनीति करूंगा। मीडिया के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि ऐसा हो सकता है, लेकिन सही समय आने पर।  2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीति में आने के सवाल पर  बोले,  यह भी संभव है। कहा कि रामपुर की वाल्मीकी बस्ती उजाडऩे के दौरान उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने विरोध किया था।
इसके बाद बर्खास्त सिपाही मुहम्मद रफी ने तीन जनवरी 2015 को उनकी पत्नी के खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायालय कई बार मुहम्मद रफी को बयान देने के लिए बुला चुका है पर वह गायब है। उन्होंने आजम खां पर इस षड्यंत्र को रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रकरण में सीओ आले हसन खां को प्रोत्साहित किया गया है। स्वयं पर लगे आरोप के संबंध में बोले कि लखनऊ एसएसपी के पास गए थे। उन्हें पूरी जानकारी दी, उन्होंने दो महीने का समय मांगा है। उनके साथ पत्नी नूतन ठाकुर भी थीं।
एक्ट में संशोधन
आइजी ने बताया कि अंग्रेजों के समय से चले आ रहे पुलिस रेग्यूलेशन एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। दो महीने बाद ही इसका नया संस्करण आ जाएगा, जिसमें आतंकवाद और साइबर अपराध को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में 1908 का रेग्यूलेशन काम कर रहा है, जिसमें बहुत सी बातें स्पष्ट नहीं हैं। 21 वीं सदी की ओर जा रहे देश में अब परिवर्तन बहुत जरूरी है।