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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएएस अनुराग की मौत गुत्थी सुलझाने में वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 07 Jul 2017 08:17 PM (IST)Updated: Fri, 07 Jul 2017 08:38 PM (IST)

आइएएस अनुराग तिवारी मौत मामले में सीबीआइ अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिये भी हत्या व हादसे के बीच की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है।

आइएएस अनुराग की मौत गुत्थी सुलझाने में वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद
आइएएस अनुराग की मौत गुत्थी सुलझाने में वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद

लखनऊ (जेएनएन)। कर्नाटक कैडर के आइएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत के मामले में सीबीआइ घटना का रीक्रिएशन करने के बाद अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिये भी हत्या व हादसे के बीच की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है। विशेष सूत्रों के मुताबिक इस कड़ी में सीबीआइ सर्विलांस के जरिये चिह्नित कुछ नंबरों की पड़ताल भी कर रही है। दूसरी ओर सीबीआइ ने नोएडा में अनुराग के परिवार से लंबी पूछताछ की है। सीबीआइ अनुराग के व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर भी गहनता से पड़ताल कर रही है। 

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आइएएस अनुराग की मौत हत्या थी अथवा हादसा। हत्या थी तो उसकी वजह क्या थी और उसके पीछे कौन लोग थे। मौत हादसा थी, तो खुली हवा में अनुराग का दम किन कारणों से घुट गया। अनुराग की मौत के पीछे किसी बीमारी अथवा नशे की कहानी तो नहीं। ऐसे कई सवाल सीबीआइ अधिकारियों के दिमाग में लगातार चल रहे हैं। जांच भी विभिन्न बिंदुओं पर की जा रही है लेकिन, अब तक हत्या की कोई ठोस वजह साफ न होने की वजह से अब घरवालों से पूछताछ कर कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में अनुराग के करीबी दोस्तों से भी सीबीआइ लंबी पूछताछ कर चुकी है।

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लखनऊ में जांच कर रही टीम के कुछ सदस्य गुरुवार को दिल्ली चले गए। सीबीआइ ने नोएडा में अनुराग के माता-पिता के अलावा उनके बड़े भाई आलोक तिवारी व भाभी सुमन से भी पूछताछ की। अनुराग के मसूरी से लखनऊ आने के बाद की मनोदशा को जानने का प्रयास भी किया गया। वहीं, सीबीआइ विसरा रिपोर्ट के साथ अनुराग के मोबाइल व लैपटॉप की फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है, ताकि किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सके।

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