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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भूमि अधिग्रहण बिल की खातिर संसद से सड़क तक संघर्ष का एलान

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 14 Apr 2015 06:57 PM (IST)Updated: Tue, 14 Apr 2015 07:01 PM (IST)

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि 10 लाख का सूट पहनने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घर वापसी की ...और पढ़ें

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लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि 10 लाख का सूट पहनने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घर वापसी की तो बात करते हैं लेकिन जमीन वापसी का जिक्र तक नहीं करते। भाजपा के भूमि अधिग्रहण बिल को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों की इस लड़ाई को कांग्रेस संसद से सड़क तक लड़ेगी।

आज अलीगढ़ के टप्पल में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान पंचायत में उन्होंने कहा कि टप्पल कि किसानों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। किसानों की मांग पर ही यूपीए सरकार ने 2013 में 1894 के भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन किया, जिसमें सभी दलों का सहयोग रहा। इस बिल को लेकर सरकार ने टप्पल से लेकर भट्टा पारसौल के किसानों की भी आवाज को सुना था।

उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा आम चुनाव हुए तो कुछ दिन में ही अच्छे दिन आ गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गडकरी ने दो घंटे के अंदर ही भूमि अधिगृहण बिल में संशोधन कर दिया, उसमें ग्रामीण विकास मंत्री तक की नहीं सुनी गई। पुराने बिल की अच्छाइयां और संशोधित बिल की खामियों को भी उन्होंने गिनाया। कहा कि उन्होंने कहा कि टप्पल किसानों को पुराने बिल के तहत मुआवजा चार गुणा मिलने वाला था, अब वो नहीं मिलेगा। सवाल दागा कि पुराना बिल जब किसानों के हित में था कि तो मोदी संशोधित बिल क्यों लाए? इससे स्पष्ट होता है कि वे किसान विरोधी हैं।