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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तानी आतंकी नासिर अहमद के एक साथी और एक सहयोगी की तलाश

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sun, 14 May 2017 06:28 PM (IST)Updated: Mon, 15 May 2017 04:02 PM (IST)

पाकिस्तानी नागरिक नासिर को हिजबुल सरगना सैयद सलाउद्दीन ने कश्मीर आजाद कराने भारत भेजा है। अब उसके सहयोगी राशिद और पाकिस्तानी मोहम्मद शफी की तलाश हैं।

पाकिस्तानी आतंकी नासिर अहमद के एक साथी और एक सहयोगी की तलाश
पाकिस्तानी आतंकी नासिर अहमद के एक साथी और एक सहयोगी की तलाश

महराजगंज (जेएनएन)। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करते समय गिरफ्तार संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक नासिर अहमद को हिजबुल सरगना सैयद सलाउद्दीन ने कश्मीर आजाद कराने के लिए भारत भेजा है। तीन भाषाओं का जानकार नासिर राकेट लांचर तक चलाना जानता है। पाकिस्तानी नागरिक के सीमा पर पकड़े जाने की खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गईं। अब गोरखपुर में उसके सहयोगी राशिद और भारत में घुसने की कोशिश में लगे पाकिस्तानी मोहम्मद शफी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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पाकिस्तान में नासिर का परिवार

नासिर का परिवार पाकिस्तान में रहता है। उसके पास निला पासपोर्ट भी पाकिस्तानी नागरिक होने का प्रमाण है।पाकिस्तान के लाला मूसा तहसील खेरिया जिला गुजरात की लड़की आशा नईम से नासिर ने शादी की है। उसके दो बेटे मुबासर (छह वर्ष) और शब्बीर अहमद उम्र (पांच वर्ष) है। वह 2009 में आर्मी पोस्ट आनंद तहसील मेनधार जिला राजौरी भारत में बिना हथियार के आत्मसमर्पण करने आया था लेकिन इंडियन आर्मी ने कहा था कि हथियार के साथ समर्पण होगा। फिर वह पाकिस्तान वापस चला गया।

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साथ आया उसका दूसरा साथी

नासिर अहमद हिंदी, कश्मीरी और उर्दू भाषा जानता है। उसके साथ उसका एक और साथी पाकिस्तानी नागरिक आतंक फैलाने के मकसद से आया है। दोनों काठमांडू एयरपोर्ट पर एक साथ उतरे थे। इसके बाद दोनों अलग-अलग भारते की सीमा में प्रवेश करने के लिए निकल पड़े। उसके दूसरे साथी का नाम मोहम्मद शफी है। शफी अभी गिरफ्त से बाहर है।

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ट्रेन में बैठाने वाला था राशिद

नासिर को ट्रेन से गोरखपुर से जम्मू भेजने की योजना गोरखपुर निवासी राशिद द्वारा बनाई गई थी। राशिद आतंकी नासिर से गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिलता। राशिद गोरखपुर में कहां का रहने वाला है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

कश्मीर को आजाद कराने भेजा गया 

पुलिस अधीक्षक कार्यालय महराजगंज में आतंकी नासिर ने बताया कि हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन ने उसे कश्मीर को आजाद कराने के लिए भारत भेजा है। मीडिया से बातचीत के दौरान नासिर ने कहा कि वह एके 47 सहित सभी अत्याधुनिक हथियार चलाना जानता है। आइएसआइ के सहयोग से हिजबुल मुजाहिद्दीन द्वारा हथियार चलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।