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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सचिन पायलट ने चाय पी-पीकर मोदी सरकार को कोसा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 22 May 2015 05:37 PM (IST)Updated: Fri, 22 May 2015 07:13 PM (IST)

नरेंद्र मोदी सरकार के एक वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में कांग्रेस के सरकार के विरोध के कार्यक्रम के तहत ...और पढ़ें

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लखनऊ। नरेंद्र मोदी सरकार के एक वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में कांग्रेस के सरकार के विरोध के कार्यक्रम के तहत लखनऊ में पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने आज चाय पी-पीकर सरकार को कोसा। सचिन पायलट ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया और नरेंद्र मोदी पर सत्ता का अधिग्रहण करने का आरोप लगाया।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय में सचिन पायलट ने कहा कि मोदी के कार्यकाल का एक साल पूरा हो गया है। अब तो जनता एक साल में खुद को ठगा हुआ सा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ही आदमी (नरेंद्र मोदी) ने पूरी सत्ता का अधिग्रहण कर लिया है वही पूरी सरकार चला रहा है। पायलट ने कहा कि पीएम मोदी तो आरएसएस से डरते हैं। बिना इस संगठन के आदेश पर वह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 'बहुमत के अहंकार में चूर' भारतीय जनता पार्टी को बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में मुंह की खानी पड़ेगी, यह तय है। भाजपा ने इस बार लोकसभा चुनावों से पहले किया गया एक भी वायदा नहीं पूरा किया है। जनता अब उसकी हकीकत जान चुकी है। ïबीजेपी चुनावों में अपनी खराब स्थिति की आशंका के मद्देनजर अब जाति और धर्म की राजनीति करने पर उतर आयी है।

पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों का दौरा कर रहे हैं, यह ठीक बात है, लेकिन उन्होंने कई जगह कुछ नकारात्मक टिप्पणियां की हैं, जो उन्हें शोभा नहीं देता। वह बीजेपी या एनडीए के नहीं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी के विदेश दौरे पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनको देश के अन्नदाता किसानों का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि आज किसान की बात सुनने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जिस तरह संसद के भीतर और बाहर किसानों का मुद्दा उठाया है, उससे बीजेपी नेताओं में हड़कंप मच गया है। किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई है और इस मुद्दे पर समूचा विपक्ष एकजुट है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान कृषि क्षेत्र की अनदेखी की गई है। चना, गेहूं और कपास जैसी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया। राज्यों को कह दिया गया कि वे बोनस नहीं दे सकते। यूरिया और उर्वरक की कमी है। डीजल और पेट्रोल के दाम आठ बार बढ़ाए गए। किसानों को ना तो मुआवजा दिया गया और ना ही ऋण माफी की योजनाओं का लाभ।

इसके बाद उनके निशाने पर भाजपा के फायर ब्रांड नेता रहे। पायलट ने योगी आदित्यनाथ, साक्षी महाराज व साध्वी निरंजन ज्योति का नाम लेते हुए कहा कि यह लोग समाज में धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं लेकिन मोदी उन्हें रोकने की जगह चुप हैं। पायलट ने कहा कि ये लोग जानबूझकर समाज के धु्रवीकरण का खौफनाक खेल खेल रहे हैं। सरकार में इन पर पाबंदी लगाने वाला कोई नहीं है। वास्तविकता तो यह है कि बीजेपी ऐसे लोगों के जरिए ही राज कर रही है। यही कारण है धर्मनिरपेक्षता के नाम पर तो ओबामा भी मोदी को डांट चुके हैं।

पायलट ने भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में कहा बीजेपी जब विपक्ष में थी तो उसने यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन अपनी सरकार बनते ही वह हड़बड़ी में अध्यादेश ले आई। एक बार भी सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस बारे में चर्चा नहीं कराई गई और किसी को भरोसे में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को 'फ्लॉपÓ योजना बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योजना तो फ्लॉप है लेकिन वह इसे बंद नहीं करेंगे। सरकार में कोई पारदर्शिता नहीं है। पायलट ने कहा मंगलयान हो या जम्मू-कश्मीर में रेल परियोजना। पूर्व की यूपीए सरकार द्वारा किए गये कार्यों का श्रेय लेने में मौजूदा सरकार आगे है।

गुर्जर आरक्षण पर उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने का हक किसी को नहीं है। गुर्जर आरक्षण मामले की कोर्ट में सही पैरवी होनी चाहिए। दिल्ली में उपराज्यपाल नजीब जंग व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बीच चल रही लड़ाई को उन्होंने बेमतलब बताते हुए दोनों को विकास में ध्यान देने के स्थान पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की लड़ाई में न पडऩे की सलाह दी।