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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नवरात्र के पहले दिन गोरखपुर में कलश स्थापना करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 19 Sep 2017 12:49 PM (IST)Updated: Tue, 19 Sep 2017 01:25 PM (IST)

नवरात्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ दिन व्रत रहेंगे। योगी आदित्यनाथ नवरात्र के पहले दिन 21 को गोरखनाथ मंदिर आएंगे ...और पढ़ें

नवरात्र के पहले दिन गोरखपुर में कलश स्थापना करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
नवरात्र के पहले दिन गोरखपुर में कलश स्थापना करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर (जेएनएन)। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद पहली बार शारदीय नवरात्र में योगी आदित्यनाथ परसों गोरखपुर में रहेंगे। नवरात्र में इस बार गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में रहकर अनुष्ठान नहीं करेंगे। इस बार अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में मठ के पुरोहित मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ के साथ संपन्न कराएंगे।

नवरात्र में इस बार भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ दिन व्रत रहेंगे। योगी आदित्यनाथ नवरात्र के पहले दिन 21 सितम्बर को गोरखनाथ मंदिर आएंगे और शाम को कलश स्थापना के पश्चात लखनऊ रवाना हो जाएंगे। इसके बाद नवमी के दिन 29 सितम्बर को आएंगे और कन्या पूजन एवं बटुक बालक का पूजन कर दूसरे दिन दशमी को लखनऊ रवाना होंगे। इसके पहले दशमी के दिन परंपरागत शोभायात्रा के साथ मानसरोवर पोखरा पहुंचेंगे। वहां पर वह भगवान शंकर, श्रीराम राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी का पूजा अर्चना करेंगे। 

योगी आदित्यनाथ ने अपने अनुष्ठान में यह बदलाव मुख्यमंत्री के रूप में उनकी व्यस्तता के मद्देनजर किया है। फिलहाल सभी अनुष्ठान मठ के पुरोहित पं. रामानुज त्रिपाठी वेदाचार्य प्रधान पुजारी कमलनाथ के साथ संपंन कराएंगे। 30 सितम्बर को मुख्यमंत्री मानसरोवर में भगवान शंकर, रामलक्ष्मण, सीता, हनुमान की पूजा के बाद मंदिर वापस आकर नवरात्र में स्थापित देवी का विसर्जन करेंगे। उसके बाद साधु, संतो, ब्राह्मण व निर्धनों को भोजन कराने के बाद व्रत का समापन करेंगे।

मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ इससे पहले शारदीय नवरात्र में अपने निवास भवन से नौ दिन तक नीचे नहीं आते थे। दसवें दिन योगी आदित्यनाथ भवन से नीचे आते और गुरु गोरक्षनाथ की विशेष पोशाक में विशेष पूजा-अर्चना करते थे। यूं तो शारदीय एवं चैत्र दोनों ही नवरात्र में वह नौ दिन व्रत करते हैं, लेकिन हर बार शारदीय नवरात्र उनके लिए खास होता है। 

आचार्यों का एक दल उनके निवास स्थित मां शक्ति (दुर्गा) मंदिर में सुबह-शाम विशेष पूजा करता है। इस दौरान स्वयं योगी आदित्यनाथ आरती करते थे। 

अष्टमी में दिन शस्त्र पूजन

योगी अष्टमी के दिन शस्त्र पूजन करते जिसमें मंदिर से जुड़े खास लोग ही शामिल हो सकते हैं।

नवमी के दिन योगी हवन-पूजन के बाद नौ कुवांरी कन्याओं और एक भैरव का पांव धोकर पूजन करते थे। सभी को प्रेम से भोजन करा दक्षिणा देकर विदा करते थे।

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दशमी के दिन विशेष परिधान में करते हैं पूजा

योगी दशमी के दिन सुबह बाबा गुरु गोरक्षनाथ की विशेष परिधान (सैलीसिम) में पूजा करते थे। शाम को चार बजे मंदिर से शोभायात्रा निकलती है। हजारों सेवकों के साथ करीब एक किमी दूरी तय कर मानसरोवर मंदिर भगवान शिव की पूजा करते थे। अंधियारीबाग रामलीला मैदान पहुंचते और राम दरबार की आरती करने के बाद लोगों को संबोधित करते थे।

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इसके साथ ही रामलीला की शुरूआत हो जाती थी। योगी आदित्यनाथ भवन में पारण करते और एकादशी की सुबह से नियिमत दिनचर्या में आ जाते थे। इन नौ दिनों में भवन के प्रथम तल पर कुछ खास लोग ही आते-जाते थे। मंदिर के मैनेजर द्वारिका तिवारी और कुछ अन्य लोग तय करते कि योगी आदित्यनाथ से कौन मिलेगा। पहले उसके नाम की पर्ची अंदर जाती फिर बुलावा आने पर मुलाकात।

फलाहार करते हैं योगी

इन नौ दिनों में योगी फलाहार भोजन करते थे। सुबह के समय दूध या म_ा, दिन में सूखा मेवा और फल ग्रहण करते हैं। शाम के समय सूखा फल, फल, दूध, सिंघाड़े के आटे का बना हलवा, बकला की दाल, तिन्नी का चावल, फाफड़े की रोटी आदि का सेवन करते हैं।