विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैसे होगा निर्धारित तिथि तक गन्ना बकाया भुगतान

By Edited By:
Published: Fri, 03 Apr 2015 05:28 PM (IST)

अशोक ओझा, मोदीनगर मोदी चीनी मिल पर गन्ना बकाया भुगतान का मामला पेचीदा होता जा रहा है। लगातार बढ़ता

News Article Hero Image

अशोक ओझा, मोदीनगर

मोदी चीनी मिल पर गन्ना बकाया भुगतान का मामला पेचीदा होता जा रहा है। लगातार बढ़ता बकाया गन्ना मूल्य एवं पेराई सत्र 2013- 14 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में हर संभव प्रयास के बावजूद प्रशासन को समझ में नहीं आ रहा कि बकाया भुगतान का मामला कैसे सुलझेगा। पेराई सत्र 2013-14 के साथ ही वर्तमान पेराई सत्र का मिलाकर मोदी चीनी पर करीब 197 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है।

बता दें कि मोदी चीनी मिल पेराई सत्र 2013-14 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान मामले में उच्च न्यायालय ने मिल प्रबंधन को हर हाल में 15 अप्रैल तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज समेत करने के निर्देश दिये हैं। यदि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं होता है तो इस मामले में मिल प्रबंधन एवं मालिक उच्च न्यायालय के निशाने पर होंगे।

मोदी चीनी मिल पर वर्तमान समय में पेराई सत्र 2013-14 का बकाया गन्ना

मूल्य 28 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही 19 करोड़ रुपये से अधिक ब्याज का बकाया हो चुका है जिसका भुगतान किसानों को करना है।

प्रशासन उठा हर संभव कदम

पेराई सत्र 2013- 14 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान मामले में उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद से प्रशासन एवं गन्ना विभाग भी कर कदम उठा रहा है। इसके लिए प्रशासन व गन्ना विभाग ने मोदी चीनी मिल की सहयोगी मोदी डिस्टिलरी को सील कर दिया था। हालांकि जब प्रबंधन ने शपथ पत्र दिया कि मोदी डिस्टिलरी का लाभ गन्ना बकाया भुगतान मामले में अदा किया जाएगा एवं एक करोड़ रुपये का चेक लेने के बाद सील खोली गई थी।

अचल संपत्ति के साथ ही शीरा भी किया जा चुका है कुर्क

प्रशासन ने मोदी चीनी मिल की अचल संपत्ति के साथ ही उसका शीरा भी कुर्क कर लिया। संपत्ति को बेचने के लिए नीलामी की तिथि तय की गई थी। लेकिन नीलामी मात्र औपचारिकता ही रही। ठीक से नीलामी का प्रचार- प्रसार न होने के कारण कोई खरीददार नहीं आया।

अब तक 200 करोड़ रुपये बकाया

मोदी चीनी मिल पर गन्ना किसानों के अब तक दो सौ करोड़ रुपये बकाया हो गये हैं। पेराई सत्र 2013-14 के 28 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य, 19 करोड़ रुपये ब्याज एवं वर्तमान पेराई सत्र के 150 करोड़ रुपये के साथ ही 2.66 करोड़ रुपये ब्याज के बकाया हो चुके हैं।

मोदी चीनी मिल पर गन्ना किसानों के

पेराई सत्र 2013-14 के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। बाजार चीनी के दामों में गिरावट के बाद भी चीनी तेजी से बेचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

-वीके जैन, मुख्य महाप्रबंधक मोदी चीनी मिल

मोदी चीनी मिल मिल से गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान मामले में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चीनी मिल पर लगातार दबाव भी बनाया गया है। प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करनी है। हालांकि हर संभव कार्रवाई की भी जा रही है।

-नमिता कश्यप, जिला गन्ना अधिकारी

मोदी चीनी मिल निर्धारित समय पर किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कर दें इसके लिए मोदीनगर एसडीएम के साथ ही जिला गन्ना अधिकारी लगातार प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि निर्धारित तिथि तक बकाया भुगतान अदा कर दिया जाएगा।

-कृष्णा करुणेश, प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद