खोए हुए स्मार्टफोन को ट्रेस करना होगा आसान, जानिए
इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत दूरसंचार विभाग (डॉट) आईएमईआई नंबरों के साथ छेड़छाड़ को दंडनीय अपराध बनाने के लिए नियमों पर काम कर रहा है
नई दिल्ली (जेएनएन)। सरकार आईएमईआई नंबर के साथ छेड़छाड़ के लिए कड़े नियम बना रही है। इन नियमों के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध होगा। इसमें तीन साल तक की जेल होगी। इस कदम से गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करना आसान हो जाएगा। नकली आईएमईआई नंबरों से जुड़े मामलों पर नकेल कसेगी। एक अधिकारी ने बताया कि डुप्लिकेट आईएमईआई नंबरों के कारण मोबाइल फोनों को ट्रैक करना मुश्किल होता है। इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत दूरसंचार विभाग (डॉट) आईएमईआई नंबरों के साथ छेड़छाड़ को दंडनीय अपराध बनाने के लिए नियमों पर काम कर रहा है।
डॉट ने टेलिकॉम ऑपरेटरों को किसी भी नकली आईएमईआई वाले मोबाइल फोन पर सेवा देने से रोक लगा रखी है। लेकिन ऑपरेटरों को डुप्लिकेट आईएमईआई नंबर वाले हैंडसेट की पहचान करने में दिक्कत आ रही है। मोबाइल फोन के ट्रैकिंग के एक मामले में डॉट के दूरसंचार प्रवर्तन संसाधन व निगरानी (टीईआरएम) प्रकोष्ठ ने पाया कि लगभग 18,000 हैंडसेट में एक जैसे आईएमईआई नंबर का उपयोग किया जा रहा है।
क्या है आईएमईआई?
इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी नंबर (आईएमईआई) मोबाइल उपकरणों की 15 अंकों की विशेष संख्या है। इस नंबर से मोबाइल फोनों को टैक करने में मदद मिलती है।
टेलिकॉम उत्पादों की टेस्टिंग जरूरी बनाने की योजना का विरोध:
मोबाइल ऑपरेटरों के संगठन सीओएआइ ने टेलिकॉम उत्पादों की टेस्टिंग अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उसका कहना है कि यह कदम कर्ज से दबे सेक्टर को बर्बाद कर देगा। इससे टेलिकॉम सेवाएं महंगी होंगी, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होगा। सीओएआइ ने टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर को एक पत्र लिखा है। इसी सेंटर ने टेलिकॉम गियर के टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव किया है। संगठन ने कहा कि इस प्रस्ताव को रद किया जाना चाहिए क्योंकि यह व्यापार के लिए तकनीकी बाधा के रूप में काम कर सकता है।
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