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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

व्‍यापारी का सिम बंद करा नया निकलवाया, फिर अकाउंट हैक कर निकाले 69.90 लाख

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Thu, 20 Jul 2017 06:32 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jul 2017 06:34 PM (IST)

लुधियाना में हैकरों ने फिल्‍मी अंदाज में एक व्‍यापारी के खाते को हैक कर लाखों रुपये उड़ा लिये। हैकरों ने ...और पढ़ें

व्‍यापारी का सिम बंद करा नया निकलवाया, फिर अकाउंट हैक कर निकाले 69.90 लाख
व्‍यापारी का सिम बंद करा नया निकलवाया, फिर अकाउंट हैक कर निकाले 69.90 लाख

जेएनएन, लुधियाना। यहां साइबर अपराधियों ने तमाम दावों का धता बताकर बैंकों की साइबर सुरक्षा को भेद दिया। साइबर हैकरों ने यहां के एक व्‍यापारी के बैंक अकाउंट काे हैक कर लिया और 69.90 लाख रूपये उड़ा लिये। इन लाेगों ने फिल्‍मी अंदाज में व्‍यापारी को चूना लगाया। उन्‍होंने पहले बैंक अकाउंट में दिए व्‍यापारी के फोन नंबर वाले सिम को ब्‍लाॅक कर लिया और दूसरा सिम निकाल कर बैंक अकाउंट का पासवर्ड बदल दिया।

इस धोखाधड़ी के शिकार बने व्‍यापारी सिविल लाइन निवासी कपड़ा व्यापारी अरुण बेरी हैं।  हैकरों ने उनक खाते से 69.90 रुपये कोलकाता और दिल्ली के दूसरे बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए हैं। अरुण बेरी को इसकी जानकारी मिली तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। वह तुरंत बैंक के लिए भागे और अपना अकाउंट ब्लॉक करवा दिया। इससे अकाउंट में शेष 10 लाख रुपये बच गए। उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके से की है।

ऐसे हुआ घटनाक्रम

ट्रांसपोर्ट नगर में समरस लाइक निटिंग वेयर के नाम से कपड़ा फैक्टरी चलाने वाले अरुण बेरी का अकाउंट इंडियन ओवरसीज बैंक में पिछले 25 साल से है। पिछले शनिवार को शाम में अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया। उन्हें लगा कि शायद नेटवर्क प्रॉब्लम होगी, लेकिन जब रात तक नहीं चला तो उन्होंने कंपनी को फोन किया। फिर भी नंबर नहीं चला तो रविवार को दोबारा कंपनी में फोन किया, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हुई।

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बेरी रोज सुबह अपनी मेल चेक करते हैं। जैसे ही उन्होंने मेल चेक की तो रात तीन बजे आए एक मैसेज में उनके सभी बैंक खातों के पासवर्ड और मोबाइल नंबर बदल दिए जाने की सूचना थी। थोड़ी ही देर में एक और मेल द्वारा अकाउंट से पांच लाख रुपये निकलने की सूचना मिली और थोड़ी ही देर अकाउंट से निकली राशि बढ़कर 10 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद वह कुछ कर पाते खाते से ट्रांसफर होने वाली रकम 69.90 लाख रुपये तके पहुंच गई।

नया सिम एक्टीवेट करवा हैक किया मोबाइल, फिर बदले पासवर्ड

अरुण बेरी के सिम को पहले ब्‍लाक करवाया गया। इसके बाद इसी नंबर का दूसरा सिम निेकलवाया गया। फिर उससे उनके खाते का पासवर्ड बदले गए। इसके बाद हैकरों ने उनके खाते से रकम ट्रांसफर किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अरुण बेरी के नाम नया सिम राजपुरा से एक्टिव हुआ। इसकी मदद से उनके मोबाइल बैंकिंग को नए सिम से लिंक करके अकाउंट के पासवर्ड बदल गए और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुई। सवाल उठ रहे हैं कि बिना अरुण के प्रूफ और हस्ताक्षर नया सिम कैसे जारी हुआ।

पांच खातों में पैसे ट्रांसफर

हैकर ने 69.90 लाख रुपये पांच अलग-अलग अकाउंट में डाले हैं। इसमें चार खाते कोलकाता और एक खाता दिल्ली का है। पुलिस को ये खाते फर्जी आइडी से खुलवाए जाने का शक है, जिसमें किसी बैंककर्मी की भी मिलीभगत हो सकती है।

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'' कोलकाता और दिल्ली के बैंक अकाउंट्स में पैसा किया ट्रांसफर साइबर सेल और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। राजपुरा से इश्यू हुए सिम की जांच भी शुरू  कर दी गई है।

                                                                               - हरजिंदर सिंह, प्रभारी थाना कोतवाली, लुधियाना।