यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक और नटवरलाल, कैसे की 20 करोड़ की ठगी जानने के लिए पढ़ें
अब यहां भी एक नटवरलाल सामने आया है। इसने सात पैनकार्ड ने बनवाकर तीन बैकों से 20 करोड़ रुपये लाेन ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। अब यहां भी एक नटवरलाल सामने आया है। इसने सात पैनकार्ड ने बनवाकर तीन बैकों से 20 करोड़ रुपये लाेन ले लिये। सबसे कमाल बात है कि सातोें पैनकार्ड में उसने एक ही फोटो लगाया है और पताओं में मामूली सा अंतर किया है। आयकर विभाग मामले की जांच कर रहा है। बताया जाता है कि यह व्यक्ति आयरन एवं स्टील का कारोबार करता है।
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आयकर विभाग के लुधियाना कार्यशाला के पास एक व्यक्ति द्वारा सात पैनकार्ड (परमानेंट एकाउंट नंबर) बनवाकर तीन बैंकों से करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। सातों पैनकार्ड एनएसडीएल (नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लिमिटेड) से बनवाए।
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इस मामले में चौकाने वाली बात यह है कि उक्त ठग ने सातों पैनकार्ड पर एक ही फोटो लगाई और अपने नाम व पते में भी मामूली सा अंतर दिखाया। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग के इंवेस्टिगेशन विंग के प्रिंसिपल डायरेक्टर परनीत सचदेवा ने एक टीम का गठन किया है।
इस टीम की अगुआई संयुक्त निदेशक रोहित मेहरा व सहायक निदेशक राहुल सोहू कर रहे हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी आयरन एंड स्टील का कारोबार करता है। विभाग ने अभी इस व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है। टीम की तरफ से की जांच में अब तक आरोपी के 7 पैनकार्ड सामने आ चुके हैं। सारे पैनकार्ड एनएसडीएल से बनवाए। विभाग अधिकारियों ने एक से अधिक पैनकार्ड बनवाने के चलते आयकर कानून की धारा 272 बी के तहत एक से अधिक पैनकार्ड बनाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
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जांच के दौरान दर्शाए गए पैन की रिर्टनें विभाग के पास दाखिल नहीं है। विभाग द्वारा एनएसडीएल को भी इसकी जांच के लिए कहा गया है। साथ ही विभाग ने आरोपी के खिलाफ धारा 277-ए, 278 व आईपीसी की धारा 420 के तहत कोर्ट में केस जाएगा। इसमें आरोपी को 7 सात साल की सजा व जुर्माना हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पैनकार्ड के बाद आरोपी की तरफ से लोन लेने के लिए प्रयोग किए प्रॉपर्टी सहित सभी दस्तावेज गलत हैं।
