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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राष्‍ट्रपति पदक मिला तो पंजाब सरकार ने प्रमाेशन देने से किया इनकार

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 23 Dec 2015 02:22 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 23 Dec 2015 10:34 PM (GMT+05:30)

पंजाब सरकार ने दीनानगर अातंकी हमले में घायल एक पुलिसकर्मी को पहले घोषणा के बावजूद पदोन्‍नति देने से इनकार कर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने दीनानगर अातंकी हमले में घायल एक पुलिसकर्मी को पहले घोषणा के बावजूद पदोन्नति देने से इनकार कर दिया है। सरकार का इसके लिए तर्क भी अनोखा है। उसका कहना है कि उसे चूंकि पहले राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है इसलिए पदोन्नति नहीं मिल सकती। अब, इस पुलिसकर्मी ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दीनानगर पुलिस थाने पर 27 जुलाई को पाकिस्तानी आतंकियों के हमले के दौरान उनसे लोहा लेते समय इंस्पेक्टर बलबीर सिंह घायल हो गए थे। उन्हेें दाे गाेलियां लगी थीं। कई अन्य पुलिस वाले भी इसमें घायल हुए थे। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद 3 अगस्त काे पंजाब सरकार ने आतंकियों से लोहा लेते हुए घायल होने वाले पुलिसकर्मियों को पदोन्नति देने का ऐलान किया।

बाद में इंस्पेक्टर बलबीर सिंह इनमें कुछ पुलिसकर्मियों को 15 अगस्त को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने कुछ पुलिसकर्मियाें को तो पदोन्नति दे दी गई लेकिन बलवीर सिंह इससे वंचित रहे। काफी भाग-दौड़ के बाद भी उन्हें पदोन्नति नहीं मिली तो उन्होंने हाई काेर्ट में याचिका दायर की।

याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव, गृह एवं न्याय विभाग के सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर 5 अप्रैल को जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में बलबीर सिंह ने बताया कि आतंकी हमले में उसे दो गोलियां लगी थीं। 3 अगस्त को मंत्रिमंडल बैठक में इस घटना में घायल पुलिसकर्मियों को प्रमोशन और शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की घोषणा की थी।

याचिका में कहा गया है कि बलबीर को 15 अगस्त को बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया गया, लेकिन पंजाब सरकार ने उन्हें वादे के मुताबिक इंस्पेक्टर से डीएसपी नहीं बनाया। हालांकि आतंकी हमले में बहादुरी से आतंकियों का सामना करने वाले अन्य सभी पुलिस कर्मियों को सरकार ने 28 अगस्त को प्रमोशन दे दी।

बलवीर सिंह ने याचिका में कहा है कि उन्होंने प्रमोशन के लिए सरकार को रिप्रेजेंटेशन भी दी थी, लेकिन सरकार ने 26 नवंबर को पत्र भेजकर उनकी रिप्रेजेंटेशन खारिज कर दी। इसमें सरकार ने कहा है कि बलबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है, लिहाजा उसे अब प्रमोशन नहीं दी जा सकती।

बलबीर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि आतंकी हमले में एक कांस्टेबल को भी राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था, जिसे सरकार ने प्रमोशन दे दी, लेकिन उसे प्रमोशन देने से इंकार कर रही है। जस्टिस जीएस संधावलिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार व डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।