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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इनेलो की धमकी के मद्देनजर पंजाब-‍हरियाणा सीमा की किलेबंदी, तनाव व दहशत

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 22 Feb 2017 05:42 PM (IST)Updated: Wed, 22 Feb 2017 07:07 PM (IST)

हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो द्वारा 23 फरवरी को पंजाब में घुसकर एसवाइएल नहर की खुदाई करने की धमकी ...और पढ़ें

इनेलो की धमकी के मद्देनजर पंजाब-‍हरियाणा सीमा की किलेबंदी, तनाव व दहशत
इनेलो की धमकी के मद्देनजर पंजाब-‍हरियाणा सीमा की किलेबंदी, तनाव व दहशत

जेएनएन, चंडीगढ़़। हरियाणा के मुुख्य विपक्षी दल इनेलो द्वारा 23 मार्च को पंजाब में घुसकर सतलुज-यमुना संपर्क नहर (एसवाइएल) की खुदाई करने की घोषणा से पटियाला जिले में सीमा पर तनाव है। हरियाणा-पंजाब सीमा पर कड़ी सुरक्षा है अौर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अर्द्ध सैनिक बलों के जवान तैनात हैं। दाेनों राज्यों के अाला पुलिस अफसरों ने सीमा क्षेत्र का मुआयना किया है। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है।

पटियाला जिले में हरियाणा से लगती सीमा पर पंजाब पुलिस के करीब 10 हजार जवान और अर्द्ध सैनिक बलाें की 10 कंपनियां तैनात हैं। हरियाणा पुलिस ने भी अपनी सीमा में पुलिस की सात कंपनियां तैनात की हैं।साथ लगते जिलों से बड़ी संख्या में यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से अर्द्ध सैनिक बलों 21 कंपनियां मांगी थी, लेकिन 10 कंपनियां ही उपलब्ध कराई गई है।

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बुधवार को पंजाब-हरियाणा सीमा पर हालात का जायजा लेने हरियाणा के डीजीपी केपी सिंह, एडीजीपी डा. आर सी मिश्रा और अन्य अधिकारी पहुंचे। शंभू बॉर्डर पर डीजीपी (कानून-व्यवस्था) एचएस ढिल्लो, आईजी चंद्रशेखर, डीआईजी आशीष चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने हरियाणा से आने वाले इनलो कार्यकर्ताआें काे पंजाब में घुसने से रोकने के लिए रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से भी विचार-विमर्श किया।

पंजाब- हरियाण सीमा पर गश्त करते पंजाब पुलिस के जवान।

एचएस ढिल्लो ने कहा कि हमारा काम लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखना है और पंजाब पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार है। दूसरी अोर, शंभू बॉर्डर सहित पटियाला जिले से लगती पूरी पंजाब-हरियाणा सीमा पर भारी संख्या में पंजाब पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। अर्द्ध सैनिक बलाें की 10 कंपनियां भी देर शाम से वहां माेर्चा संभाल रही हैं।

इसके अलावा, दंगा रोधी वाहन और एंबुलेंस भी तैनात हैं। पूरे क्षेत्र की किलेबंदी कर दी गई है। पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पंजाब-हरियाणा सीमा से लगते गांवों में लोग 23 फरवरी को होनेवाली घटना को लेकर आशंकित हैं।

बताया जाता है कि पंजाब पुलिस ने घग्गर नदी के पास इनेलो कार्यकर्ताताओं को रोकने के लिए अपनी रणनीति में परिवर्तन किया है। उसने हरियाणा की सीमा में लगाए गए बेरीगेट्स हटाकर अब घग्गर पार अपनी सीमा में लगा दिए हैं। नदी में गिरने किसी जान माल का नुकसान न हो इसलिए रणनीति बदली गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते पंजाब व एवं हरियाणा के आला पुलिस अफसर।

उधर, हरियाणा के डीजीपी केपी सिंह ने भी पंजाब-हरियाणा बोर्डर का सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने घग्गर नदी के बीचोंबीच बनाई गई दीवार पर कंटीली तार समेत अन्य विभिन्न मामलों को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इनेलो कार्यकर्ता को पंजाब में घुसने से राेकने की रणनीति केे बारे में अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।

इससे पहले मंगलवार को पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा व हरियाणा के एडीजीपी डॉ. आरसी मिश्र बॉर्डर पर पहुंचे थे और सुरक्षा का जायजा लिया था। पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने मंगलवार को सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा प्रंबंधों पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर हालत में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में होगा।

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डीजीपी को बताया कि हरियाणा के साथ लगती सरहद के सराला हेड, गांव कपूरी, जमीतगढ़, कौमी कलां सहित एक दर्जन से ज्यादा स्थानों इनेलो कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है।

50 इनेलाे कार्यकर्ताओं के जुटने की आशंका

अनुमान लगाया जा रहा है 23 फरवरी को अंबाला में करीब 50 हजार इनेलो कार्यकर्ता एकत्र होंगे। वे वहां से पंजाब सीमा की आेर कूच करने और पंजाब में घुसने की कोशिश करेंगे।

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