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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसवाइएल मामले पर फिर भूचाल, बादल और मनोहर हुए चौकन्ने

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 22 Feb 2017 10:25 AM (IST)Updated: Wed, 22 Feb 2017 11:03 AM (IST)

एसवाइएल नहर मामले पर पंजाब एवं हरियाणा में माहौल गरमा गया है। इनेलो द्वारा पंजाब में घुसकर नहर की खोदाई ...और पढ़ें

एसवाइएल मामले पर फिर भूचाल, बादल और मनोहर हुए चौकन्ने
एसवाइएल मामले पर फिर भूचाल, बादल और मनोहर हुए चौकन्ने

जेएनएन, चंडीगढ़। एसवाइएल नहर मामले पर हरियाणा और पंजाब के बीच एकबार फिर तनाव पैदा हो गया है। हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो द्वारा एसवाइएल नहर की खोदाई करने के एलान से दोनों राज्यों की सियासत में भूचाल के आसार बन गए हैं। दोनों राज्याें की सरकारें इस मामले पर अलर्ट हो गई हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया है।

पंजाब में चुनाव के बाद विदेश से लौटे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों की बैठक ली। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी जाट आंदोलन के कारण उपजे हालात समेत इनेलो के ऐलान के मद्देनजर सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल नेअपने आवास पर अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ली अपने-अपने सूबों के अधिकारियों की बैठक

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने सूबे के अधिकारियों से कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। पंजाब ने कानून व्यवस्था की स्थिति बनाने के लिए हरियाणा सरकार से भी सहयोग मांगा था, जबकि 20 कंपनियां पुलिस बल हासिल करने के लिए केंद्र को चिट्ठी लिख रही है।

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बादल ने कहा कि पंजाब के पास किसी भी अन्य राज्य के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। बादल के अनुसार सतलुज यमुना लिंक नहर को किसी भी कीमत पर बनने नहीं दिया जाएगा और न ही पंजाब के पानी की एक भी बूंद उस नहर में दी जाएगी।

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उन्होंने अभय चौटाला का नाम लिए बगैर कहा कि पंजाब और हरियाणा के सियासी पक्षों और सियासी नेताओं को पंजाब की अमन और शांति की कीमत पर इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासी नौटंकी करने से बाज आना चाहिए। बादल ने कहा, जब मैं यहां हूं तो किसी को भी राज्य के हितों की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। अकाली-भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियों के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है और किसी भी अन्य नेता को इस संबंधी झूठी बहादुरी दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।

नहर हर हालत में खोदकर रहेंगे : अभय

दोनों राज्यों की इन तैयारियों के बीच विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एसवाइएल नहर हर हालत में खोद कर रहेंगे। अंबाला में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे चौटाला ने सभी राजनीतिक दलों को 23 फरवरी को एसवाइएल की खोदाई के लिए इनेलो के साथ आने का न्योता दिया। साथ ही मांग की कि संवैधानिक संकट खड़ा करने वाले पंजाब के नेताओं के खिलाफ चुनाव आयोग के साथ संवैधानिक पीठ भी कार्रवाई करे। जमानत पर चल रहे इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला भी इस नहर की खोदाई के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं।