विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैप्‍टन सरकार का एक माह पूरा: फैसलों से जगाई उम्‍मीद, अपनों के कारण विवादों में भी घिरी

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Mon, 17 Apr 2017 11:00 AM (IST)Updated: Mon, 17 Apr 2017 11:18 AM (IST)

पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने एक माह पूरा कर लिया है। सरकार ने अपने फैसलों से लोगों ...और पढ़ें

कैप्‍टन सरकार का एक माह पूरा: फैसलों से जगाई उम्‍मीद, अपनों के कारण विवादों में भी घिरी
कैप्‍टन सरकार का एक माह पूरा: फैसलों से जगाई उम्‍मीद, अपनों के कारण विवादों में भी घिरी

चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। एक माह में नशे का खात्मा, किसानों को कर्ज से मुक्ति, 5 रुपये में गरीबों को खाना, वीआइपी कल्चर खत्म करने, हर घर नौकरी जैसे भारी-भरकम वादों के साथ पंजाब की सत्ता संभालने वाली कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने एक माह पूरा कर लिया है। एक माह में मुख्यमंत्री ने पंजाब को लेकर अपना विजन दिया और कई फैसलों से लोगों में उम्‍मीद भी जगाई। लेकिन, इस दौरान कैप्‍टन सरकार विपक्ष से ज्यादा अपनों के कारण विवादों में भी घिरी।

ड्रग्स, वीआइपी कल्चर से लड़े, लेकिन विवादों से नहीं छूट रहा पीछा

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने कैबिनेट की पहली ही बैठक में ताबड़तोड़ 120 फैसले लेकर पंजाब के लोगों में आशा के दीप जलाए, तो उतनी ही तेजी से उन्होंने प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे में भारी भरकम तबादले कर पूरी फील्डिंग सेट करने की कोशिश की। वीआइपी कल्चर को खत्म करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी लाल बत्ती की तिलांजलि दे दी। 

उन्‍होंने हर घर नौकरी और राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए बगैर समय गंवाए मुंबई में 24 से ज्यादा औद्योगिक घरानों से बैठक कर उन्हें पंजाब आने का न्योता दे डाला। मुंबई यात्रा ने कैप्टन सरकार ने नई उम्मीद जगाई है। वहीं पंजाब में अपनी ही कैबिनेट के मंत्रियों के कारण कैप्टन सरकार को लोगों को सफाई देनी पड़ रही है। कांग्रेस के विधायक कभी पुलिस अधिकारियों को धमकी देते नजर आ रहे हैं, तो किसी विधायक पर पत्रकार पर हमला करवाने का आरोप लग रहा है।

यह भी पढ़ें: सिद्धू का केंद्र सरकार पर वार, कहा- अमृतसर एयरपोर्ट की कमाई दिल्ली शिफ्ट करवाई

ड्रग्स को लेकर कैप्टन सरकार ने एसटीएफ बनाई। गेहूं खरीद में सरकार को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। कैप्टन सरकार ने हलका इंचार्ज सिस्टम को खत्म किया, तो अकाली-भाजपा सरकार में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की जांच के लिए बनाए गए जोरा आयोग की सिफारिशों को रद कर नया आयोग गठित किया।

बड़े फैसले

-वीआइपी कल्चर खत्म करने के लिए लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक।
-बेअदबी के मामलों की जांच के लिए नया आयोग गठित किया।
-नशे के खात्मे के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन।
-कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए हलका इंचार्जों का सिस्टम खत्म।

------

इन विवादों में घिरी  सरकार

-शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के पति शिक्षा मंत्री के साथ कुर्सी लगाकर विभाग का कामकाज देख रहे थे। मुख्यमंत्री को करना पड़ा हस्तक्षेप।

यह भी पढ़ें: पतंजलि का रेस्‍तरां बिजनेस में भी कदम, चंडीगढ़ के पास खोला पौष्टिक रेस्‍टोरेंट

-कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत नाभा में एक स्कूल के नींव पत्थर में अपना नाम तीसरे स्थान पर देखा तो प्रिंसिपल को सस्पेंड करने की धमकी दे डाली। मुख्यमंत्री ने फैसला सुनाया कि किसी भी उद्घाटन या शिलान्यास पत्थर पर किसी भी मंत्री (खुद मुख्यमंत्री भी) का नाम नहीं लिखा जाएगा।

-गिद्दड़बाहा में एक पत्रकार पर हमला कर उसे बुरी तरह से पीटा गया। इसमें कांग्र्रेस के ही विधायक पर आरोप लगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी कर कहा कि किसी प्रकार का सियासी दबाव न लें और अपना काम करें।

-खडूर साहिब के विधायक रमनजीत सिंह सिक्की का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह एक जनसभा में पुलिस वालों को धमकी देते नजर आए।

-सत्ता संभालते हुए ओवर ड्राफ्ट होने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब सरकार का खाता बंद कर दिया। हालांकि, अगले ही दिन पंजाब सरकार एक हजार करोड़ रुपये जमा करवाकर अकाउंट खुलवा लिए।

यू टर्न भी लिया

सत्ता में आने से पूर्व कांग्रेस का कहना था कि पंजाब पर जब तक कर्ज रहेगा, मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर का प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ही नहीं वित्तमंत्री भी हेलीकॉप्टर का प्रयोग करते हुए दिखे।


भाजपा ने कहा-कैप्टन सरकार गुंडागर्दी, धक्केशाही व कुप्रबंधन का नया अध्याय

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार का एक माह का कार्यकाल गुंडागर्दी, धक्केशाही और कुप्रबंधन का नया अध्याय है। 30 दिन का समय भले ही थोड़ा है, लेकिन इस दौरान जो हालात बन रहे हैं उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने लोगों को गुमराह किया है।

भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी, उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, इकबाल सिंह लालपुरा व प्रदेश सचिव विजय पुरी ने भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कैप्‍टन सरकार पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह हाथ में श्री गुटका साहिब उठाकर पंजाब में से नशा  खत्म करने की कसम ली थी, पर गंभीरता का पता इस बात से लग जाता है कि एसटीएफ के गठन के 10-12 दिन बाद इसके प्रमुख ज्वाइन करते हैं और इसके एक माह पूरा होने के दो दिन पहले इसके लिए नोटिफिकेशन जारी होती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक महीने में पंजाब को नशा मुक्त कर दिया गया है। पंजाब सरकार को इस पर बयान जारी करना चाहिए था। क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने व कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उन आरोपों पर कायम है कि पंजाब में 70 फीसद लोग नशेड़ी हैं। इस संबंध में उनको दस्तावेजी सबूत लोगों के आगे रखने चाहिए।

विनीत जोशी ने दावा कि बीते एक माह में पंजाब में 15 किसानों ने आत्महत्या की हैं। 6 जगहों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई है, सात जगहों पर कांग्रेसियों ने ट्रक यूनियन पर कब्जे किए। कपूरथला जेल में दो बार गैंगवार व बटाला एसएसपी के घर के बाहर दो गैंग में गोलीबारी हो चुकी है। गुरदासपुर में जेल ब्रेक की कोशिश हो चुकी है। सारे पंजाब में गैर कानूनी माइङ्क्षनग जोरों पर है। चार बार मंत्री अपने एलान पर यू-टर्न ले चुके हैं। पंजाब भर में निजी स्कूलों के आगे अभिभावक रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। अकाली भाजपा कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले हो रहे हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।