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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डेरा प्रकरणः कैप्टन अमरिंदर ने साधे एक तीर से तीन निशाने

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Mon, 28 Aug 2017 11:23 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 28 Aug 2017 11:26 AM (GMT+05:30)

डेरा प्रकरण में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक तीर से कई निशाने साधे। पंचकूला में फंसे डेरा ...और पढ़ें

डेरा प्रकरणः कैप्टन अमरिंदर ने साधे एक तीर से तीन निशाने
डेरा प्रकरणः कैप्टन अमरिंदर ने साधे एक तीर से तीन निशाने

चंडीगढ़ [कैलाश नाथ]। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंचकूला में फंसे डेरा प्रेमियों को घर लौटने के लिए बसें मुहैया करवाकर एक तीर से तीन निशाना साधा है। इससे जहां पंजाब में डेरा प्रेमी एक जगह इकट्ठे नहीं हो सके, वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने में आसानी भी हुई।

इसके अलावा डेरा प्रेमियों में यह संदेश भी गया कि सरकार मुश्किल घड़ी में उनके साथ है। यह कैप्टन का मैनेजमेंट ही था कि मालवा के नौ जिलों में सेना उतार दी गई और कई जिलों में एहतियातन कर्फ्यू लगा दिया गया जिसका नतीजा यह हुआ कि पंजाब में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

डेरे का सबसे ज्यादा प्रभाव मालवा क्षेत्र में है। यहां से काफी संख्या में डेरा प्रेमी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर कोर्ट के फैसले वाले दिन पंचकूला गए थे। पंचकूला गए हजारों महिलाओं व पुरुषों को शुक्रवार रात में सरकारी बसें मुहैया करवाकर कैप्टन ने उनकी जान की सुरक्षा का भरोसा दिया। इसके अलावा हजारों की भीड़ को एक जगह पर एकत्रित नहीं होने दिया क्योंकि जो भी डेरा प्रेमी बस में बैठ रहे थे उन्हें बस उनके घर तक उतारती थी।

सरकार की सबसे बड़ी चिंता थी मालवा में डेरा प्रेमियों और सिख कïट्टरपंथी गुटों से टकराव को रोकना। 2007 में डेरा प्रमुख द्वारा गुरु गोबिंद सिंह जी का स्वांग रचने के बाद से ही डेरा और सिख संगठनों के बीच विवाद चल रहा है। सरकार की चिंता थी कि अगर फिर से डेरा प्रेमी व सिख भिड़े तो माहौल काफी खराब हो सकता है। यही कारण है कि सरकार ने संवेदनशील जगहों पर समय रहते सेना बुलाकर व कफ्र्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।

इतना ही नहीं, सरकार ने डेरा प्रेमियों का उस समय हाथ पकड़ा जब वह सबसे ज्यादा हताश थे। पंचकूला से वापस घर जाने के लिए डेरा प्रेमियों के पास कोई साधन मौजूद नहीं था। ऐसे में सरकार ने 200 से अधिक बसें मुहैया करवाई और पुलिस की सुरक्षा में उन्हें घर पहुंचाया।

डेरा प्रेमियों को बसें मुहैया करवाना भी कैप्टन की भविष्य की रणनीति का हिस्सा था क्योंकि इन हजारों प्रेमियों को सुरक्षित घर पहुंचाने से न सिर्फ कैप्टन ने उनमें सरकार के प्रति विश्वास पैदा करने की कोशिश की, बल्कि उनके वोटों को भी साधने की कोशिश की जिसका लाभ बाद में मिल सकता है। डेरे ने भले ही बीते विधानसभा चुनाव में अकाली दल को समर्थन दिया था लेकिन मालवा में कांग्र्रेस ने जोरदार जीत हासिल की थी।

लोगों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी

कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि लोगों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। भले ही वह कोई भी हो। डेरा समर्थक फंसे हुए थे, सरकार ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचा कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

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