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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विशेषज्ञों ने माना जीका का कहर उम्मीद से ज्यादा, मांगी मदद

By Lalit RaiEdited By:
Published: Tue, 12 Apr 2016 10:01 AM (IST)Updated: Tue, 12 Apr 2016 12:47 PM (IST)

जीका वायरस के कहर से अमेरिका के पचास में से तीस राज्य जूझ रहे हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ...और पढ़ें

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वाशिंगटन। जीका वायरस के कहर से अमेरिका के पचास में से तीस राज्य जूझ रहे हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि जीका वायरस की महामारी को लेकर जो अंदेशा था उससे कहीं अधिक खतरा अमेरिका के सामने है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुतोरिको में हजारों की संख्या में जीका से प्रभावित मामले सामने आ रहे हैं।

जीका की संरचना खोज में मेरठ की देविका

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एलर्जी और इंफेक्शस डीजीज से जुड़े अमेरिकी विशेषज्ञों ने रिपब्लिकन बहुमत वाली कांग्रेस से तत्काल करीब 1.9 बिलियन डॉलर इमरजेंसी फंड को रिलीज करने की मांग की है। अंग्रेजी न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने फरवरी में जीका से लड़ने के लिए इमरजेंसी फंड को रिलीज करने की अपील की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस से अनुमति नहीं मिलेगी तो उस हालात में इबोला से लड़ने के लिए संचित फंड से 589 मिलियन डॉलर को ट्रांसफर किया जाएगा।

ब्राजील से फैले जीका के कहर से लैटिन अमेरिका और कई कैरिबियाई मुल्क सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त में ब्राजील में ओलंपिक खेलों को देखते हुए जीका से निपटने के लिए समन्वित प्रयास की जरूरत है। ब्राजील में पिछले हफ्ते जीका के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं।

गौरतलब है कि जीका वायरस का ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों पर होता है। जीका के असर से मासूम बच्चों के सिर का आकार सामान्य से छोटा होता है और वो एक तरह से अपंगता के शिकार हो जाते हैं।