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    ईरान और भारत के लिए आज का दिन है खास, ये होंगेे अहम मुद्दे

    भारत और ईरान के लिए आज दिन विशेष है। आज कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों पर हस्‍ताक्षर होंगे। इसमें चाबहार समेत कई दूसरे समझौत शामिल होंगे।

    By Kamal VermaEdited By: Updated: Mon, 23 May 2016 06:05 AM (IST)

    तेहरान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी दो दिवसीय यात्रा पर ईरान पहुंच गए। बीते बीते 15 वर्षों में वह ईरान की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। तेहरान स्थित मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान के वित्त एवं आर्थिक मामलों के मंत्री अली तायेबनिया ने मोदी की अगवानी की। एयरपोर्ट सेे प्रधानमंत्री सबसे पहले यहां के एक स्थानीय गुरुद्वारे गए और वहां शीष नवाया।

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    उन्होंने यहां पर रह रहे सिख समुदाय के लोगों के साथ बातचीत भी की। प्रधानमंत्री की इस यात्रा में आज का दिन बेहद विशेष रहेगा। यहां पहुंचकर प्रधानमंत्री ने ईरान की न्यूज एजेंसी से कहा कि भारत और ईरान वर्षों से एक दूसरे के साझीदार रहे हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।

    इस यात्रा से जुड़ी दस बड़ी बातें

    1- भारत और ईरान के बीच कई आर्थिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इनमें व्यापार समझौता भी शामिल है। संस्कृति एवं पर्यटन के समझौते के अलावा आपसी व्यापार में ज्यादा कर से परहेज और परस्पर निवेश को समर्थन देने को लेकर भी समझौता होना है।

    2- इस दौरे का सर्वाधिक अहम पहलू चाबहार पोर्ट सिटी में निवेश करना है। भारत यहां पर बंदरगाह के निर्माण में सहयोग के साथ साथ इस बंदरगाह को रेल नेटवर्क से भी जोड़ेगा। इसको बनाने में भारत करीब यहांं पर 200 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा। दूसरे फेज में भारत करीब 500 किमी लंबी रेल लाइन बिछाकर इस बंदरगाह को जहेदान से जोड़ेगा। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में भारत के कच्चे तेल और यूरिया आयात की परिवहन लागत 30 फीसदी कम हो जाएगी।

    3- चाबहार ओमान की खाड़ी में स्थित है और पाकिस्तान की सीमा से लगा है। इस कदम से भारत अफगानिस्तान के साथ-साथ मध्य एशिया से रणनीतिक संपर्क बहाल कर सकेगा। पीएम मोदी के दौरे के समय अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी तेहरान में रहेंगे, ताकि चाबहार बंदरगाह के बारे में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर सकें।

    4- अप्रैल में हुए करार के मुताबिक भारत को इस बंदरगाह के जरिये अफगानिस्तान तक पहुंचने की इजाजत होगी। इस मार्ग से भारतीय सामान को पाकिस्तानी सीमा से परहेज करते हुए अफगानिस्तान पहुंचाने की सुविधा मिल जाएगी।

    ईरान पहुंचे पीएम मोदी, गुरुद्वारे में नवाया शीष

    5- सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी प्रधानमंत्री का आधिकारिक स्वागत करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ईरान के सबसे बड़े धार्मिक नेता अयातुल्लाह खमेनी से भी मुलाकात करेंगे।

    6- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा से पहले ईरान को कच्चे तेल की कीमत का यूरो में भुगतान और करीब $6.4 बिलियन डॉलर की बकाया राशि के भगुतान के बारे में भी बात होगी।

    7- इस यात्रा के दौरान यहां पर ओएनजीसी द्वारा खोजी गई गैस फील्ड के सिक्योरिटी राइट और इसको विकसित करने पर भी बात होगी। मुमकिन है कि इस दिशा में बातचीत समझौते में भी बदल जाए।

    8- इस यात्रा के दौरान अफगानिस्तान और ईरान के बीच भी एक समझौता होगा। जिसके तहत चाबहार बंदरगाह को व्यापारिक हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस समझौते के बाद अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान के कराची बंदरगाह का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं रहेगा। यह भारत की कूटनीति की दृष्टि से भी बड़ी कामयाबी होगी।

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    9- ईरान में चाबहार बंदरगाह भारत के लिए कई तरह से फायदे का सौदा होगा। पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर चीन की निगाह लगने के बाद भारत के लिए चाबहार बंदरगाह इसका ही जवाब होगा। यह ग्वादर से महज सौ किमी की दूरी पर स्थित है।

    10- इस यात्रा का एक अहम पक्ष ईरान की एक प्रमुख फरजाद बी गैस परियोजना और उसके विकास का काम भारत को सौंपना है।