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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तोरखम सीमा पर स्‍वदेश लौटने के लिए जुटे हजारों अफगान और पाकिस्‍तानी नागरिक

By Tilak RajEdited By:
Published: Wed, 08 Mar 2017 02:53 PM (IST)Updated: Wed, 08 Mar 2017 04:18 PM (IST)

पाकिस्तानी सरकार ने पिछले महीने सीमा के करीब घातक आतंकवादी हमलों के बाद बॉर्डर को बंद करने का निर्णय लिया था।

तोरखम सीमा पर स्‍वदेश लौटने के लिए जुटे हजारों अफगान और पाकिस्‍तानी नागरिक
तोरखम सीमा पर स्‍वदेश लौटने के लिए जुटे हजारों अफगान और पाकिस्‍तानी नागरिक

इस्‍लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्‍तान और अफगानिस्तान के हजारों नागरिक मंगलवार को अपने-अपने देशों में लौटने के लिए पाकिस्तानी पोस्ट तोरखम पर जमा हुए। इनमें ज्‍यादातर अफगानिस्‍तान के सीमाई इलाकों में रहने वाले लोग थे, जिन्‍होंने अपने देश में आतंकी हमले बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पनाह ली थी।

दरअसल, पिछले महीने इस इलाके में काफी आतंकी हमले हुए थे। इसके बाद से यह पोस्ट एक महीने के लिए बंद कर दी गई थी। मंगलवार को इसे फिर से सिर्फ दो दिनों के लिए खोल दिया गया है। ऐसे में दोनों देशों के हजारों लोग अपने घर लौटने के लिए जुट गए। सभी लोग अपने लौटने के लिए बेताब नजर आ रहे थे। 
बताया जा रहा है कि इस दौरान अफगानिस्‍तान के लगभग 20 हजार और पाकिस्‍तान के करीब 2 हजार लोगों ने बॉर्डर पार किया। केंद्रीय जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, 'जिन लोगों के पास वैध वीजा था या जिनके वीजा इन पिछले 18 दिनों में समाप्त हो चुके थे, उनमें से अधिकांश लोगों को अपने देशों में वापस जाने की अनुमति दी गई है। लेकिन जिन लोगों के पास उचित यात्रा दस्तावेज नहीं थे, उन्‍हें सरहद पार करने की अनुमति नहीं दी गई है।' उन्‍होंने कहा कि हमने यहां तक कि उन पाकिस्‍तानियों को भी सरहद पार नहीं करने दी, जो सिर्फ अपना पहचान पत्र लेकर अफगानिस्‍तान में यात्रा कर रहे थे।
पाकिस्तानी सरकार ने पिछले महीने सीमा के करीब घातक आतंकवादी हमलों के बाद बॉर्डर को बंद करने का निर्णय लिया था। इन आतंकी हमलों में 125 से ज्यादा लोग मारे गए थे। पाक सेना का दावा है कि जिन आतंकियों ने इन हमलों को अंजाम दिया, वो अफगानिस्तान से ऑपरेट कर रहे हैं।