यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्विटजरलैंड ने बताए दो भारतीय महिला खाताधारकों के नाम
स्विटजरलैंड ने अपने यहां खाता रखने वाले बहुत सारे विदेशियों के साथ दो भारतीय महिलाओं के नाम भी सार्वजनिक किए ...और पढ़ें

बर्न। स्विटजरलैंड ने अपने यहां खाता रखने वाले बहुत सारे विदेशियों के साथ दो भारतीय महिलाओं के नाम भी सार्वजनिक किए हैं। सरकार के स्तर से ये नाम इसलिए जारी किए गए हैं कि इनकी अपने देश में जांच हो सके।
स्विटजरलैंड के संघीय कर प्रशासन (एफटीए) ने स्नेहलता साहनी व संगीता साहनी नाम की इन दोनों भारतीय खाताधारकों को एक मौका भी दिया है।
इन दोनों को यह नोटिस 12 मई को जारी किया गया है। उसने कहा है कि यदि वे नहीं चाहती कि उनका विस्तृत ब्योरा भारतीय प्रशासन के साथ साझा किया जाए तो 30 दिनों के अंदर संघीय अदालत में अपील दायर करें। दोनों को कोर्ट में यह बताना पड़ेगा कि उनकी जानकारी क्यों नहीं साझा की जाए और इसके लिए अपने बचाव में सुबूत भी देने होंगे।
गौरतलब है कि कर से जुड़े मामलों में भारत के साथ आपसी सहयोग समझौते के तहत कर चोरी करने वाले खाताधारकों जानकारियां साझा करनी हैं। फिलहाल स्विटजरलैंड प्रशासन ने ब्रिटेन, स्पेन व रूस के नागरिकों की तरह इन भारतीय खाताधारकों के बारे में जन्मतिथि के अलावा अन्य जानकारियां नहीं सार्वजनिक की हैं।
स्विस फेडरल गजट में इस माह अब तक कम से कम ऐसे 40 लोगों को अंतिम नोटिस प्रकाशित किए गए हैं।
अभी और भी बहुत सारे नाम प्रकाशित होने की उम्मीद की जा रही है। स्विटजरलैंड के बैंकों में भारतीयों के काला धन छुपाकर रखना भारत में बड़ी बहस का मुद्दा है। भारत सरकार स्विस प्रशासन पर लंबे समय से संदिग्ध कर चोरों के बारे में सूचना साझा करने के लिए दबाव डालता रहा है। स्विस बैंकों के भारतीय खाताधारकों के कुछ वैसे मामलों में जिनमें कर चोरी के संदेह के कुछ सुबूत पेश किए गए उनका ब्योरा साझा भी किया है।
एफटीए के प्रवक्ता को इस बारे में मेल भेजा गया पर उसकी ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं मिल पाया है। भारत सहित कई देशों की ओर से काले धन रखने वालों के बारे जानकारी मांगे जाने के बीच ये नाम प्रकाशित किए गए हैं।
