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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय खाताधारकों से स्विस बैंकों ने मांगा नया हलफनामा

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Published: Sun, 29 Mar 2015 05:36 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 29 Mar 2015 05:41 PM (GMT+05:30)

विभिन्न देशों के भारी दबाव के बीच, अवैध धन पर स्थिति साफ करने के इरादे से स्विस बैंकों ने अपने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। विभिन्न देशों के भारी दबाव के बीच, अवैध धन पर स्थिति साफ करने के इरादे से स्विस बैंकों ने अपने भारतीय ग्राहकों से उनके जमा धन के संबंध में नया हलफनामा देने को कहा है। इसके जरिये स्विस बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारतीय ग्राहकों के खातों में टैक्स चोरी का पैसा तो नहीं है।

दूसरी ओर, सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने एचएसबीसी बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि संदिग्ध टैक्स चोरों व टैक्स अपराध करने वालों से जुडे़ मामलों पर सहयोग नहीं करने को लेकर बैंक के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए? एचएसबीसी की स्विस शाखा में कथित तौर पर अवैध धन जमा करने वाली हजारों इकाइयों के खुलासे के बाद से यह बैंक भारत समेत कई देशों में नियामकीय जांच के घेरे में है।

स्विस बैंकों को लंबे समय से अवैध धन की सुरक्षित पनाहगाह माना जाता रहा है। अब इन बैंकों ने भी अधिक संपत्ति वाले व्यक्तियों व कॉरपोरेट ग्राहकों से लेखा-परीक्षकों का प्रमाणपत्र मांगना शुरू कर दिया है, ताकि उनके धन पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

यह नई पहल ऐसे समय में हुई है, जब भारत अपने नागरिकों द्वारा विदेश में अवैध तरीके से जमा कराया गया धन वापस लाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। स्विट्जरलैंड ने भी इस मुद्दे पर सहयोग करने के लिए सहमति जताई है।

हालांकि, नया हलफनामा मांगे जाने के संबंध में एचएसबीसी व क्रेडिट सुइस समेत स्विट्जरलैंड स्थित विभिन्न प्रमुख बैंकों ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

काले धन पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल विभिन्न मामलों की जांच कर रहा है, जबकि सरकार ने विदेश में अवैध धन जमा करने वालों को कड़ी सजा दिलाने के प्रावधान वाला विधेयक हाल ही में संसद में पेश किया है।

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