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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऐसा ग्रह, जिस पर पृथ्वी से ज्यादा पानी

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Published: Thu, 23 Jan 2014 04:07 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 23 Jan 2014 05:36 PM (GMT+05:30)

वाशिंगटन। मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच ऐसे बौने ग्रह का पता चला है, जो बर्फ से लदा ...और पढ़ें

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वाशिंगटन। मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच ऐसे बौने ग्रह का पता चला है, जो बर्फ से लदा हुआ है। इसकी बर्फ से इतना पानी निकल सकता है, जितना पृथ्वी पर भी नहीं। ये बौना ग्रह मुख्य क्षुद्रग्रह पंट्टी यानि एस्टेरॉयड बेल्ट में है।

इस बौने ग्रह को सेर्स नाम दिया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि सेर्स से गाहेबगाहे जल की भाप निकलती है। ऐसा तब होता है जब इस ग्रह की बर्फीली सतह का ऊपरी हिस्सा गर्म होता है।

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सेर्स क्षुद्रग्रह क्षेत्र में सबसे बड़ा और सबसे गोलाकार पिंड है। इसे बौना ग्रह कहा जाता है। यह सौरमंडल का एक ऐसा पिंड है जो क्षुद्रग्रह से बड़ा और ग्रह से छोटा है। इसका व्यास करीब 950 किलोमीटर है। शोध के मुख्य लेखक माइकल कुपेर्स ने बताया, 'यह पहली बार है जब क्षुद्रग्रह क्षेत्र में किसी पिंड पर जलभाप के बारे में स्पष्ट रूप से पता चला है। इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि सेर्स की सतह बर्फीली है।' पहली बार जब 1801 में सेर्स को देखा गया था तो खगोलविदों ने मान लिया था कि यह एक ग्रह है। बाद में इसी प्रकार की कक्षा वाले अन्य ब्रह्मांडीय पिंडों का पता चला। इससे सौरमंडल के मुख्य क्षुद्रग्रह क्षेत्र की खोज हुई। वैज्ञानिकों का मानना है कि सेर्स के भीतरी भाग की चट्टान बर्फ से ढकी हुई है। इसके पिघलने से उतना जल मिल सकता है जितना कि पृथ्वी पर भी नहीं है। यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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