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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यमन में हवाई हमले में 25 की मौत, समूचे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा

By Shashi BhushanEdited By:
Published: Fri, 27 Mar 2015 10:41 AM (IST)Updated: Fri, 27 Mar 2015 02:33 PM (IST)

यमन पर सऊदी अरब की तरफ से किए गए हवाई हमले में राजधानी सना में 25 लोगों की मौत हो ...और पढ़ें

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सना। यमन पर सऊदी अरब की तरफ से किए गए हवाई हमले में राजधानी सना में 25 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब की अगुआई में दस देशों ने 235 जेट फाइटरों की मदद से सदा, सना और लाज जैसे शहरों के ऊपर बमबारी की। साथ ही इस हमले में राष्ट्रपति के आवास को भी निशाना बनाया गया। इस बीच, हवाई हमलों की वजह से यमन में करीब चार हजार भारतीय फंसे हुए हैं।

सउदी अरब के सूत्रों के मुताबिक हवाई हमले में सउदी अरब के 100 जेट फाइटर विमान, संयुक्त अरब अमीरात के 30 फाइटर विमान औऱ कुवैत तथा बहरीन के 15-15 फाइटर विमान शामिल थे। साथ ही 10 विमान कतर के तथा 2-4 विमान जार्डन, मोरक्को, सूडान के भी थे। इसके अलावा इस हमले में पाकिस्तान और मिस्त्र की नौसेना ने भी अहम भूमिका निभाई। आज सउदी अरब ने यमन में डेढ लाख सैनिकों की फौज से हमला करने की तैयारी की है। मिस्त्र के सैनिक भी शामिल होंगे। यमन के खिलाफ हमले में शामिल सभी देश सुन्नी मुस्लिम बहुल देश हैं जबकि यमन में शिया मुस्लिमों की संख्या ज्यादा है।

यमन के खिलाफ जारी हमले से समूचे मध्य पूर्व में शिया-सुन्नी के बीच तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। खासतौर से शिया बहुल मुस्लिम देश ईरान जहां 80 प्रतिशत आबादी शिया मुस्लिमों की है, ने इस हमले पर बेहद संभलकर प्रतिक्रिया दी है। लेकिन आग ज्यादा भड़कती देख ईरान के इस युद्ध में कूदने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि इस मसले का राजनीतिक समाधान निकाला जाना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, कल के हवाई हमले में यमन के कई अहम सैन्य ठिकाने बर्बाद हो गए हैं। इनमें हाउती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले लड़ाकू विमान, एयर फोर्स ज्वाइंट ऑपरेशन कमांड, फर्स्ट आर्मर्ड डिविजन्स हेडक्वॉर्टर्स, सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई हेडक्वॉर्टर और कैंप शामिल हैं। शिया हाउती विद्रोहियों की मदद ईरान कर रहा है।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय की ओर से मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक, यमन पर हवाई हमले में सऊदी अरब के 150 विमान, अमीरात के 30, कुवैत और बहरीन से 15-15, कतर से 10, जॉर्डन और मोरक्को से 6-6 और सूडान से 3 विमान शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी भी दी कि मिस्र, पाकिस्तान और जॉर्डन यमन में जमीनी लड़ाई के लिए अपने सैनिक भी भेजने को तैयार हैं। मंत्रालय ने यह दावा भी किया कि अमेरिका की तरफ से भी उन्हें इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिकल मदद मुहैया कराई जा रही है।

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